इस स्कीम में निवेश करने के हैं कई फायदे, रिटायरमेंट के बाद पैसे की नहीं रहेगी कोई टेंशन

Published : Aug 16, 2020, 10:42 AM ISTUpdated : Aug 16, 2020, 10:47 AM IST

बिजनेस डेस्क। आज के समय में रिटायरमेंट के बाद आर्थिक सुरक्षा के लिए उपाय कर लेना बहुत जरूरी हो गया है। प्राइवेट सेक्टर में ज्यादातर नौकरियों में किसी तरह की कोई पेंशन नहीं मिलती है। वहीं, जो लोग निजी व्यवसाय और किसी कारोबार से जुड़े हैं, उने लिए भी भविष्य की आर्थिक सुरक्षा बेहद जरूरी है। इसके लिए सरकार की नेशनल पेंशन स्कीम में निवेश करना काफी अच्छा रहेगा। इस योजना में रिटायरमेंट की उम्र के बाद काफी बढ़िया रिटर्न मिलने लगता है। रिटायरमेंट फंड के लिए यह योजना काफी बेहतर मानी जा रही है। जानें इसके बारे में विस्तार से। 

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इस स्कीम में निवेश करने के हैं कई फायदे, रिटायरमेंट के बाद पैसे की नहीं रहेगी कोई टेंशन

कम उम्र से निवेश में फायदा
नेशनल पेंशन स्कीम (NPS) में जितनी कम उम्र से निवेश शुरू किया जाएगा, फायदा उतना ही ज्यादा होगा। कम उम्र में निवेश शुरू कर देने से रिटयरमेंट की उम्र तक अच्छा फंड तैयार हो जाता है। 

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कौन कर सकता है निवेश
इस योजना में 18 से 60 साल की उम्र तक के लोग निवेश कर सकते हैं। देश के करीब सभी सरकारी और निजी बैंकों में इस स्कीम के तहत अकाउंट खुलवाया जा सकता है। 

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म्यूचुअल फंड की तरह करता है काम
एनपीएस म्य़ूचुअल फंड की तरह काम करता है। इसलिए इसमें दूसरी बचत योजनाओं से ज्यादा रिटर्न मिलता है। इस योजना में सरकारी और निजी, दोनों सेक्टर के कर्मचारी निवेश कर सकते हैं। 

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हर महीने जमा करनी होती है राशि
इस स्कीम में हर महीने अपने वेतन से एक तय राशि का निवेश करना होता है। निवेशक रिटायरमेंट के बाद जमा फंड से एक हिस्सा निकाल सकते हैं और बाकी रकम से नियमित आय के लिए एनुइटी ले सकते हैं।

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कैसे होता है निवेश
एनपीएस में तीन तरह से निवेश किया जा सकता है। पहला इक्विटी, दूसरा कॉरपोरेट बॉन्ड और तीसरा गवर्नमेंट सिक्युरिटीज। यहां निवेशक को दो विकल्प मिलते हैं। पहला एसेट अलोकेशन और दूसरा ऑटो चॉइस। ऑटो चॉइस में शुरुआत में इक्विटी का 50 फीसदी हिस्सा जाता है और समय के साथ कम होता जाता है। वहीं, एसेट अलोकेशन में निवेशक 75 फीसदी तक इक्विटी में निवेश कर सकता है। 

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प्री-मेच्योर निकासी
इस स्कीम में कुछ खास परिस्थितियों में प्री-मेच्योर निकासी भी की जा सकती है। इस योजना के तहत नया बिजनेस शुरू करने, घर खरीदने या बनवाने, बच्चों की पढ़ाई या किसी गंभीर बीमारी के इलाज के लिए प्री-मेच्योर निकासी की जा सकती है। प्री-मेच्योर निकासी 5-5 साल के अंतर से सिर्फ 3 बार की जा सकती है। एनपीएस खाता खुलने के 3 साल बाद जितना फंड जमा हुआ है, उसमे से कंपनी के फंड के अलावा कुल राशि के 25 फीसदी की निकासी की जा सकती है।

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घर बैठे खुलवा सकते हैं खाता
नेशनल पेंशन स्कीम में घर बैठे खाता खुलवाने की सुविधा दी गई है। इस प्रक्रिया में इंटरनेट बैंकिंग की सुविधा का फायदा उठा कर ऑनलाइन खाता खोला जा सकता है। इस प्रक्रिया में रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर पर एक ओटीपी आता है। उसका इस्तेमाल कर आसानी से एनपीएस खाता खोला जा सकता है। पेंशन फंड रेग्युलेटरी एंड डेवलपमेंट अथॉरिटी (PFRDA) ई-हस्ताक्षर के जरिए भी पेपरलेस तरीके से ऑनलाइन एनपीएस खाता खोलने की सुविधा दे रहा है।     

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