बिजनेस डेस्क। पोस्ट ऑफिस (Post Office) की कई बचत योजनाओं में बच्चों के नाम पर निवेश किया जा सकता है। इससे बच्चों के भविष्य की जरूरतों के लिए अच्छा-खासा फंड तैयार किया जा सकता है। पोस्ट ऑफिस की स्मॉल सेविंग्स स्कीम में निवेश करना जहां सुविधाजनक है, वहीं पूरी तरह सुरक्षित भी है। सॉवरेन गांरटी (Sovereign Guarantee) मिलने की वजह से पोस्ट ऑफिस में जमा किया गया पैसा कभी डूब नहीं सकता। इसके अलावा भी इसमें टैक्स छूट के साथ दूसरे भी कई बेनिफिट मिलते हैं। आज हम आपको बताने जा रहे हैं पोस्ट ऑफिस की उन योजनाओं के बारे में, जिनमें बच्चों के लिए निवेश किया जा सकता है।
(फाइल फोटो)
कोई भी व्यक्ति अपने नाबालिग बच्चे के नाम पर पोस्ट ऑफिस में पीपीएफ (PPF) अकाउंट खोल सकता है। बच्चे के 18 साल की उम्र होने तक इस अकाउंट की देख-रेख अभिबावक को करनी पड़ती है। इसके बाद अकाउंट का संचालन वह खुद कर सकता है। यह बेहतर रिटर्न देने वाली काफी पॉपुलर स्कीम है। (फाइल फोटो)
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सुकन्या समृद्धि योजना (SSY) भी पोस्ट ऑफिस की काफी पॉपुलर स्कीम है। इसमें बेटियों के नाम पर अकाउंट खुलवाया जा सकता है। बेटी की उम्र 10 साल हो जाने के बाद इस स्कीम के तहत अकाउंट खुलवाया जा सकता है। इसमें कई तरह के फायदे मिलते हैं। (फाइल फोटो)
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पीपीएफ (PPF) अकाउंट की मेच्योरिटी 15 साल पर पूरी होती है, लेकिन इसे 5-5 साल के लिए आगे बढ़ाया जा सकता है। वहीं, सुकन्या समृद्धि योजना (SSY) की मेच्योरटी 21 साल की है। इसमें 14 साल तक ही निवेश करना पड़ता है। लड़की की उच्च शिक्षा और विवाह के लिए 18 साल की उम्र होने पर अकाउंट से नियमानुसार राशि निकाली जा सकती है। (फाइल फोटो)
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पीपीएफ अकाउंट पर ब्याज दर फिलहाल 7.1 फीसदी सालाना कम्पाउंडिंग के हिसाब से मिल रहा है। वहीं, सुकन्या समृद्धि योजना पर मौजूदा ब्याज दर 7.6 फीसदी सालाना है। यह भी कम्पाउंडिंग के हिसाब से मिलता है। इसलिए इन दोनों योजनाओं में रिटर्न ज्यादा आता है। (फाइल फोटो)
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पीपीएफ खाते में न्यूनतम 500 रुपए सालाना और अधिकतम 1.50 लाख रुपए सालाना जमा किए जा सकते हैं। वहीं, अगर अभिभावक के नाम से भी पीपीएफ अकाउंट खुला है तो दोनों अकाउंट मिलाकर अधिकतम राशि की लिमिट 1.5 लाख से ज्यादा नहीं हो सकती। दोनों अकाउंट में अलग-अलग 1.5 लाख रुपए सालाना जमा नहीं किया जा सकता है। (फाइल फोटो)
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सुकन्या समृद्धि योजना में सालाना न्यूनतम 250 रुपए जमा किया जा सकता है। इस योजना के तहत अधिकतम 1.50 लाख रुपए सालाना जमा किया जा सकता है। इस योजना में अगर हर साल 1.50 लाख रुपए जमा किए जाते हैं, तो 14 साल में जमा राशि 21 लाख हो जाएगी। 7.6 फीसदी कम्पाउंडिंग ब्याज दर के हिसाब से 14 साल में यह रकम 37,98,225 रुपए होगी। फिर 7 साल तक इस रकम पर 7.6 फीसदी सालाना कम्पाउंडिंग के हिसाब से रिटर्न मिलेगा। इस तरह 21 साल यानी मेच्योरिटी पर यह रकम 63.5 लाख रुपए हो जाएगी। (फाइल फोटो)
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