रिटेल कारोबार में रिलायंस ने रखा था 14 साल पहले कदम, फ्यूचर ग्रुप को खरीदने के बाद बनी सबसे बड़ी कंपनी

Published : Aug 30, 2020, 03:49 PM ISTUpdated : Aug 30, 2020, 03:51 PM IST

बिजनेस डेस्क। रिलायंस इंडस्ट्रीज ने रिटेल के कारोबार में आज से 14 साल पहले 2006 में कदम रखा था। अब रिलायंस रिटेल ने फ्यूचर ग्रुप के रिटेल, होलसेल और लॉजिस्टिक बिजनेस का अधिग्रहण कर लिया है। साल 2019 में फोर्ब्स की लिस्ट में 80वें नंबर पर रहे फ्यूचर ग्रुप के किशोर बियाणी ने रिलायंस रिटेल एंड फैशन लाइफस्टाइल लिमिटेड (RRFLL) को 24713 करोड़ रुपए में अपना कारोबार बेच दिया है। इस डील के साथ जहां रिटेल में मुकेश अंबानी टॉप पर पहुंच गए हैं, वहीं किशोर बियाणी पर लगा रिटेल किंग का तमगा भी हट गया। बता दें कि एक समय रिटेल के क्षेत्र में किशोर बियाणी की तूती बोलती थी, लेकिन धीरे-धीरे उनकी कंपनी कर्ज में डूबती चली गई। 

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रिटेल कारोबार में रिलायंस ने रखा था 14 साल पहले कदम, फ्यूचर ग्रुप को खरीदने के बाद बनी सबसे बड़ी कंपनी

कैसे शुरू हुआ रिलायंस का रिटेल कारोबार
रिटेल कारोबार में रिलायंस ने सबसे पहले साल 2006 में कदम रखा। सबसे पहले इस कंपनी ने हैदराबाद में रिलायंस फ्रेश स्टोर खोला था। पहले रिलायंस स्टोर में ग्रॉसरी और फ्रेश सब्जियां उपलब्ध कराई जाती थीं। बाद में 25 हजार करोड़ रुपए की शुरुआती पूंजी से रिलायंस ने कंज्यूमर ड्यूरेबल्स, फार्मेसी और लाइफस्टाइल प्रोडक्ट्स भी उपलब्ध करना शुरू कर दिया। 

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इलेक्ट्रॉनिक रिटेल चेन किया लॉन्च
जल्दी ही कंपनी ने इलेक्ट्रॉनिक्स, फैशन और कैश एंड कैरी बिजनेस के क्षेत्र में भी कदम रख दिया। 2007 में रिलायंस ने इलेक्ट्रॉनिक चेन लॉन्च किया। 2008 और 2011 में रिलांयस ने फैशन और होलसेल बिजनेस में ट्रेंड्स और रिलायंस मार्केट के जरिए कदम रखा। 2011 तक रिलायंस रिटेल की सेल्स के जरिए कमाई 1 अरब डॉलर से भी ज्यादा हो गई थी।

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फ्यूचर ग्रुप को छोड़ा पीछे
साल 2014 में रेवेन्यू के मामले में फ्यूचर ग्रुप को पीछे छोड़ कर रिलायंस रिटेल देश की सबसे बड़ी रिटेल कंपनी बन गई।  मार्च 2014 में ​फ्यूचर ग्रुप का कुल सालाना रेवेन्यू करीब 13,666 करोड़ रुपए था, जबकि इस दौरान रिलायंस रिटेल का रेवेन्यू 14,496 करोड़ रुपए पहुंच गया था।
 

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ई-कॉमर्स में उतरने का लिया फैसला
इसी दौरान,रिलायंस ने ई-कॉमर्स मार्केट में भी उतरने का फैसला लिया। कंपनी ने reliancefreshdirect.com नाम से ऑनलाइन ग्रॉसरी स्टोर खोला। इसका मकसद मुंबई में ग्रॉसरी की डिलिवरी करना था। साल 2016 में ajio.com के लॉन्च के साथ इस कंपनी ने ई-कॉमर्स मार्केट में पूरी तरह उतरने का फैसला किया। इस समय देश में ऑनलाइन कॉमर्स तेजी से आगे बढ़ रहा था। कई विदेशी कंपनियां ई-कॉमर्स में लाखों डॉलर का निवेश कर रही थीं।
 

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कई कंपनियां आईं होड़ में
रिलायंस अकेली कंपनी नहीं थी, जिसकी नजर ई-कॉमर्स मार्केट पर थी। इसी समय आदित्य बिड़ला ग्रुप ने abof.com नाम से फैशन पोर्टल लॉन्च किया था। वहीं, शॉपर्स स्टॉप ने स्नैपडील के साथ टाई-अप किया था। ये कंपनियां मिंत्रा और दूसरी ऑनलाइन कंपनियों को टक्कर दे रही थीं। करीब दो साल पहले फ्लिपकार्ट ने मिंत्रा का अधिग्रहण कर लिया था।
 

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रिलायंस ने शुरू किया अधिग्रहण और पार्टनरशिप
साल 2019 में रिलायंस ने ब्रिटेन की खिलौने बेचने वाली रिटेल कंपनी Hamleys का अधिग्रहण किया। ​हाल ही में रिलायंस ने फार्मा कंपनी Netmeds में 620 करोड़ रुपए का निवेश किया है। रिलायंस रिटेल के पोर्टफोलियो में 46 एक्सक्लूसिव इंटरनेशनल पार्टनर ब्रांड्स शामिल हैं। कंपनी ने Armani और Burberry जैसे ब्रांड्स के साथ पार्टनरशिप किया है।
 

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कोरोना महामारी में नुकसान
कोरोनावायरस महामारी की वजह दूसरी रिटेल कंपनियों की तरह रिलायंस रिटेल को भी नुकसान उठाना पड़ा। पिछले साल की समान अवधि में रिलायंस रिटेल का रेवेन्यू 27 फीसदी की गिरावट के साथ 31,663 करोड़ रुपए पर आ गया।

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50 फीसदी स्टोरपूरी तरह से बंद
कंपनी के 50 फीसदी स्टोर इस दौरान पूरी तरह से बंद थे। करीब 29 फीसदी स्टोर्स मामूली तौर पर ऑपरेट कर रहे थे। इस दौरान रिलायंस रिटेल ने 431 करोड़ रुपए का शुद्ध मुनाफा कमाया।

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जियोमार्ट की लॉन्चिंग
रिलायंस ने इसी साल अप्रैल में ग्रॉसरी प्लेटफॉर्म जियोमार्ट को लॉन्च किया। यह अब तेजी से पॉपुलर हो रहा है। अब तक करीब 10 लाख बार से ज्यादा बार जियोमार्ट के ऐप को डाउनलोड किया जा चुका है। यह अमेजन और फ्लिपकार्ट से ही पीछे है। जियोमार्ट पर फिलहाल ग्रॉसरी व डेली यूज की चीजें मिलती हैं। कंपनी अब इलेक्ट्रॉनिक्स और फैशन समेत दूसरी कैटेगरी को भी इसमें शामिल करने की योजना बना रही है। फिलहाल, जियोमार्ट पर देशभर के 200 लोकेशन्स से रोज 2.5 लाख से ज्यादा ऑर्डर आ रहे हैं। इस पर वॉट्सऐप के जरिए ऑर्डर लिए जाने की व्यवस्था की गई है।  

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