बंगाल से उड़ीसा-श्रीलंका से मलेशिया तक.. मोदी ने मुंहजबानी बता डाला कहां किस भाषा में लिखी गई है रामायण

Published : Aug 05, 2020, 03:37 PM ISTUpdated : Aug 05, 2020, 03:47 PM IST

अयोध्या. Ramayana in foreign languages: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (PM Narendra Modi) अयोध्या में जहां उन्होंने राम मंदिर (Ram Mandir) शिलान्यास करके राम मंदिर निर्माण की नींव रख दी है। इस दौरान पीएम मोदी ने जनता को संबोधित भी किया। पीएम मोदी ने अपने भाषण के दौरान भगवान राम के बारे में बहुत सी अनोखी बातें भी साझा कीं। उन्होंने भगवान राम सार्वभौमिकता की बात कही और देश के कोने-कोने से लेकर विदेश तक में श्रीराम की प्रसिद्धि को विस्तार से बताया। इतना ही नहीं पीएम ने मुंहजबानी हिंदू धार्मिक ग्रंथ रामायाण (Ramayana) के क्षेत्रीय भाषाओं के नाम गिना दिए। उन्होंने विदेशी संकलनों के नाम भी बताए। पीएम मोदी ने बताया कि दुनिया भर में रामायण के हर भाषा में अनुवाद किए गए हैं।    आज हम आपको पीएम मोदी के भाषण के अंश से रामायण के विदेशी भाषा के संकलनों और उनके अप्रचलित नामों के बारे में बता रहे हैं- 

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बंगाल से उड़ीसा-श्रीलंका से मलेशिया तक.. मोदी ने मुंहजबानी बता डाला कहां किस भाषा में लिखी गई है रामायण

पीएम मोदी बुधवार सुबह वायुसेना के विशेष विमान से यूपी की राजधानी लखनऊ पहुंचे और फिर हेलीकॉप्टर से अयोध्या गए। उन्होंने बताया, रामायण विदेश में भी उतनी प्रचलित है जितनी भारत में। राम का गुणगान करते हुए वे एक सांस में कई भाषाओं में रामायण के नाम बताते चले गए इसमें तमिल, तेलुगू, मलयाल और उड़िया भी शामिल थीं। हालांकि महर्षि वाल्मीकि का संस्कृत ग्रंथ रामायण भारतीयों में सबसे अधिक प्रभावशाली है, लेकिन राम की कहानी कम से कम २२ भाषाओं में उपलब्ध है। जिनमें जापानी ,थाई , चीनी, नेपाली और तिब्बती भाषाएं भी शामिल हैं। 

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संस्कृत में रामायण 

 

राम कथा के प्रणेता के रूप में वाल्मीकि रामायण का नाम सर्वप्रथम लिया जाता है। वाल्मीकि रामयाण को स्मृत ग्रंथ माना गया है इस ग्रंथ की रचना माता सरस्वती की कृपा से हुई थी। वाल्मीकि रामायण के अलावा भी कई रामायणे लिखी गईं हैं। श्री रामचरित मानस की रचना गोस्वामी तुसलीदास द्वारा संवत 1633 में सम्पन्न हुई थी। अवधी भाषा में रचित इस महाकाव्य की रचना दो वर्ष सात महीने छब्बीस दिन लगे थे। इस ग्रंथ में बालकाण्ड, आयोध्या कांड, अरण्यकाण्ड, किष्किन्धा काण्ड, सुन्दरकाड, लंकाकाण्ड तथा उत्तरकाण्ड के रूप में सात काण्ड है। इन सात काण्डों में ही श्रीराम के सम्पूर्ण चरित्रको समाहित किया गया है। आध्यात्म रामायण की रचना महर्षि वेदव्यास द्वारा की गई है। 

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अदभुत रामायण की रचना कश्मीरी भाषा में भी है। कश्मीरी में रामायण की रचना दिवाकर प्रकाश भट्ट द्वारा कश्मीरी भाषा में की गई है। इस रामायण को रामावतार चरित्र के नाम से भी जाना जाता है।

 

रामायण की रचना उड़िया भाषा में आदिकवि श्री शरलादास द्वारा की गई है। यह रामायण पूर्वकाण्ड तथा उत्तरकाण्ड के रूप में थी तथा दो खण्डों में है। 

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उपरोक्त रामायणों के अतिरिक्त विष्णु प्रताप रामायण, मैथिली रामायण, दिनकर रामायण, शंकर रामायण, जगमोहन रामायण, शर्मा नारायण, ताराचंद रामायम, अमर रामायण, प्रेम रामायण, कम्बा रामायण, तोखे रामायण, गड़बड़ रामायण नेपाली रामायण, विचित्र रामायण मंत्र रामायण तिब्बती रामायण, राधेश्याम रामायण, चरित्र रामायण, कर्कविन रामायण जावी रामायम, जानकी रामायण आदि अनेक रामायण की रचना सिर्फ भारत में ही नहीं अपितु विदेशों में भी की गई है।

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अगर हम भाषाओं पर जाएं तो अन्नामी, बाली, बांग्ला, कम्बोडियाई, चीनी, गुजराती, जावाई, कन्नड़, कश्मीरी, खोटानी, लाओसी, मलेशियाई, मराठी, ओड़िया, प्राकृत, संस्कृत, संथाली, सिंहली, तमिल, तेलुगू, थाई, तिब्बती, कावी आदि भाषाओं में लिखी गई है रामायण।

 

अभी तक बहुत सारी रामायण लिखी जा चुकी हैं। विदेशों में जो रामायणे लिखी गईं हैं उनमें किंरस-पुंस-पा की 'काव्यदर्श' (तिब्बती), रामायण काकावीन (इंडोनेशियाई कावी)। 

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हिकायत सेरीराम (मलेशियाई भाषा), रामवत्थु (बर्मा), रामकेर्ति-रिआमकेर (कंपूचिया खमेर), तैरानो यसुयोरी की 'होबुत्सुशू' (जापानी)।

 

फ्रलक-फ्रलाम-रामजातक (लाओस), भानुभक्त कृत रामायण (नेपाल), अद्भुत रामायण, रामकियेन (थाईलैंड)।

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खोतानी रामायण (तुर्किस्तान), जीवक जातक (मंगोलियाई भाषा), मसीही रामायण (फारसी), शेख सादी मसीह की 'दास्ताने राम व सीता'।, महालादिया लाबन (मारनव भाषा, फिलीपींस), दशरथ कथानम (चीन), हनुमन्नाटक (हृदयराम-1623)  इसके साथ-साथ अभी भी खोज निरंतर जारी है।

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