घंटों में टिक टॉक पर खर्च कर देते थे 550 करोड़, बैन से चीनी कंपनी को होगा ये नुकसान; भारत में नौकरियां भी जाएगी

Published : Jun 30, 2020, 11:45 AM ISTUpdated : Jun 30, 2020, 02:03 PM IST

करियर डेस्क. TIK TOK Ban Impact: केंद्र सरकार ने सोमवार को बड़ा कदम उठाते हुए 59 चीनी ऐप्स पर बैन लगा दिया है। ऐसे में जानकारों का मानना है कि इससे चीनी ऐप्स को संचालित करने वाली कंपनियों और खुद चीन को भी बड़ा आर्थिक नुकसान होगा। अकेले टिकटॉक के बैन होने से ही कंपनी को 100 करोड़ रुपये की चपत लगने वाली है। इस हिसाब से आप सोच सकते हैं कि कितना बड़ा नुकसान चीन को होने जा रहा है। इसके अलावा, 2019 के मुताबिक टिक टॉक पर बैन के कारण 250 नौकरियों पर असर पड़ने की बात आई थी। लेकिन उसके बाद टिक टॉक या बाइट डांस ने भारत में बहुत विस्तार किया है।  

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घंटों में टिक टॉक पर खर्च कर देते थे 550 करोड़, बैन से चीनी कंपनी को होगा ये नुकसान; भारत में नौकरियां भी जाएगी

10 में पांच सर्वाधिक चीनी ऐप्स होते हैं डाउनलोड

 

एक मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक भारत में केवल मार्च से मई 2020 के बीच 10 में से पांच सर्वाधिक डाउनलोड होने वाले मोबाइल ऐप्स चीनी कंपनियों के हैं। इनमें टिकटॉक, जूम, Helo, Uvideo और यूसी ब्राउजर शामिल हैं। हालांकि बैन होने वाले ऐप्स में जूम को शामिल नहीं किया गया है।

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साइबर एक्सपर्ट और सुप्रीम कोर्ट में वकील पवन दुग्गल ने बात करते हुए बताया कि इससे चीन को सबसे ज्यादा नुकसान होगा. सरकार को ये कदम पहले उठा लेना चाहिए था। हालांकि इस कदम के अमल में आने में कम से कम 12-16 घंटे लगेंगे। 

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वहीं एक रिपोर्ट के मुताबिक, चीनी वीडियो ऐप टिक टॉक पर भारत सरकार के प्रतिबंध से इसके डेवलपर, बीजिंग बाइटडांस टेक्नोलॉजी कंपनी के लिए प्रति दिन 5 लाख डॉलर का "वित्तीय नुकसान" हो रहा है। TIK TOK बैन  ने भारत में 250 से अधिक नौकरियों को भी खतरे में डाल दिया है।

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कंपनी ने एक अदालत में एक केस दाखिल करते हुए ऐसा बताया। एप के बैन होने से भारत में बहुत से लोग बेरोजगार हो जाएंगे। कंपनी ने अपनी फाइलिंग में कहा, "फ्री स्पीच और कई भारतीय नागरिकों की अभिव्यक्ति के संवैधानिक मौलिक अधिकारों पर गंभीर प्रभाव पड़ा है।"

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दुग्गल के मुताबिक चीनी ऐप्स से भारतीयों का व्यक्तिगत और वित्तीय डाटा चीन की सरकार के पास सीधे पहुंच रहा था। ऐसे में इन ऐप्स के बंद हो जाने से अब चीन की सरकार के पास भारतीयों का कोई डाटा नहीं पहुंचेगा। वहीं इन सभी कंपनियों के सर्वर भी चीन में मौजूद हैं। ऐसे में इस वक्त इन ऐप्स से लोगों की निजी जानकारी और राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए बहुत ज्यादा खतरा हो गया था।  

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चीनी कंपनियों द्वारा निवेश पर लग सकता है बैन

 

दुग्गल ने बताया कि सरकार को जल्द ही भारतीय स्टार्टअप कंपनियों में चीनी कंपनियों द्वारा किए गए निवेश पर भी रोक लगाने की तैयारी शुरू कर देनी चाहिए। पिछले पांच सालों में चीनी कंपनियों द्वारा इन स्टार्टअप्स में करीब 8 बिलियन डॉलर का निवेश किया गया है।

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3 जुलाई 2018 को इंडोनेशियाई सरकार ने टिकटोक पर बैन लगा दिया था। इस मुस्लिम देश में कई लोगों ने कंप्लेन दर्ज की थी कि इसपर अश्लील कंटेंट परोसा जा रहा है। इस कारण इंडोनेशियाई सरकार ने इसपर बैन लगा दिया था। 

 

चीन में यूज होने वाले टिक टॉक में करीब 100 तरह के कंटेंट बैन हैं। साथ ही दुनियाभर के कुछ नामचीन नेताओं के खिलाफ भी टिक टॉक पर कोई कंटेंट बनाना बैन है। इसमें महात्मा गाँधी से लेकर ट्रंप, पुतिन और ओबामा तक शामिल हैं। 

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