Published : Aug 22, 2020, 10:36 AM ISTUpdated : Aug 22, 2020, 10:41 AM IST
गरियाबंद, छत्तीसगढ़. मां आखिर मां होती है! बच्चे की सबसे ज्यादा फिक्र अगर किसी को होती है, तो वो है मां। गरियाबंद के जंगल में एक हथिनी और उसके नवजात के बीच भावुक करने वाली घटना देखने को मिली। करीब 15 दिनों से 20 हाथियों का दल फिंगेश्वर वन परिक्षेत्र के गांव बोड़की फुलझार, खुड़सा, गनियारी आदि के जंगलों में डेरा जमाकर बैठा था। कुछ दिन पहले यह दल करपीदादर बनगंवा गांव की तरफ पहुंचा। गुरुवार रात करीब 2 बजे यहां एक खेत में हथिनी ने बच्चे का जन्म दिया। जब हथिनी बच्चे को लेकर दल के साथ आगे बढ़ने लगी, तभी बच्चा दलदल में फंस गया। बच्चे को दलदल से निकालने काफी देर तक दल वहीं मौजूद रहा। जब नाकाम रहा, तो आगे बढ़ गया, लेकिन हथिनी वहां से नहीं हटी। वो रातभर बच्चे को निकालने की कोशिश करती रही। शुक्रवार सुबह जब गांववालों ने यह दृश्य देखा, तो उन्होंने वन विभाग की टीम को सूचना दी। मौके पर पहुंची टीम ने गांववालों की मदद से बच्चे को दलदल से बाहर निकाला। इसके बाद हथिनी उसे लेकर चली गई।
शुक्रवार सुबह जब गांववाले पहुंचे, तो देखा कि हथिनी लगातार बच्चे को निकालने की कोशिश कर रही थी। लोगों ने करीब 2 घंटे के रेस्क्यू के बाद बच्चे को सकुशल दलदल से बाहर निकाला।
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मौके पर आई वन विभाग की टीम के साथ रायपुर से डॉक्टर भी पहुंचे थे। उन्होंने हाथी के बच्चे का चेकअप किया।
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हाथी के बच्चे का रेस्क्यू करने वाली वन विभाग और गांव की टीम।
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छत्तीसगढ़ के ग्रामीण अंचल में बड़ी संख्या में हाथी मिलते हैं।
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हाथी के बच्चे को दलदल से निकालकर खड़ा करने की कोशिश करती रेस्क्यू टीम।
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