चीन ने कोविड पाबंदियां हटाई, 8 जनवरी से क्वारंटीन भी होगा खत्म, एक बार फिर दुनिया को खतरे में डाल रहा ड्रैगन

Published : Dec 29, 2022, 04:47 PM ISTUpdated : Dec 29, 2022, 05:02 PM IST

Covid new virus breeding ground: कोरोना वायरस के नए वेरिएंट का ब्रीडिंग ग्राउंड चीन बनता जा रहा है। चीन ने नए साल से जीरो कोविड रेस्ट्रिक्शन्स को खत्म कर दिया है। उधर, कोविड का बीएफ.7 वेरिएंट हाहाकार मचाए हुए है। अब कोविड-19 एक्सपर्ट्स ने आशंका जताई है कि पाबंदी खत्म करने के बाद चीन एक बार फिर नए वेरिएंट्स का ब्रीडिंग ग्राउंड बन सकता है जो दुनिया के अन्य देशों के लिए बड़ा खतरा हो सकता है। डब्ल्यूएचओ की सौम्या स्वामीनाथन ने बताया कि चीन में अधिकतर बुजुर्ग लोगों का वैक्सीनेशन नहीं हुआ है। चीनी लोगों की इम्यूनिटी भी बेहद खराब है। ऐसे में वायरस को यहां तबाही मचाने और यहां से दूसरे देशों तक पहुंचने में पर्याप्त समय मिल जाता है।

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चीन ने कोविड पाबंदियां हटाई, 8 जनवरी से क्वारंटीन भी होगा खत्म, एक बार फिर दुनिया को खतरे में डाल रहा ड्रैगन

8 जनवरी से चीन ने खत्म किया क्वरंटीन पीरिएड

चीन में कोरोना से मचे हाहाकार के बीच अब विदेशियों के लिए अपने देश की सीमाओं को खोल दिया है। सबसे अहम यह कि चीन में अब क्वारंटीन की पाबंदी हटा दी गई है। 8 जनवरी के बाद से किसी भी विदेशी या देश के पैसेंजर्स को क्वारंटीन में नहीं रहना पड़ेगा। देश में उपजे विरोध को देखते हुए चीनी हुक्मरानों ने यह फैसला लिया है।
 

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नेशनल हेल्थ कमीशन ने डेली डेटा जारी करना किया बंद

चीन के नेशनल हेल्थ कमीशन ने कहा कि वह कोरोना केसेस की जानकारी नहीं देगा। कोरोना के नए मामले और संक्रमण से होने वाली मौत का डेटा नहीं जारी किया जाएगा। हेल्थ एजेंसी पिछले 3 सालों से हर दिन कोरोना केसेस की डेली रिपोर्ट जारी करती थी।
 

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अधिक खतरनाक रूप धारण कर सकता है वायरस

वर्ल्ड हेल्थ आर्गेनाइजेशन की सौम्या स्वामीनाथन ने कहा कि चीन में संक्रमण के चांस अधिक हैं क्योंकि यहां की अधिकतर बूढ़ी आबादी अभी तक वैक्सीनेट नहीं हुई है। यही नहीं चीन के लोगों में इम्यूनिटी बेहद खराब है। यहां की अधिकतर आबादी वैक्सीनेटेड नहीं है।
 

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जॉन्स हॉपकिन्स यूनिवर्सिटी के इन्फेक्शन डिसीज एक्सपर्ट डॉ. स्टुअर्ट कैंपबेल रे के मुताबिक, कोरोना का नया वैरिएंट ओमिक्रॉन की तरह ही या फिर इससे भी खतरनाक हो सकता है। ऐसा इसलिए क्योंकि चीन की इतनी बड़ी आबादी में अब भी लोगों में कोरोना को लेकर हर्ड इम्युनिटी नहीं बन पाई है। ऐसे में कोरोना के नए और बेहद खतरनाक वैरिएंट के पैदा होने का खतरा बहुत ज्यादा है। 
 

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तेजी से संक्रमित हुई चीनी आबादी

चीन में महज 20 दिनों में 24 करोड़ 80 लाख से अधिक कोविड पाजिटिव केस आ चुके हैं। बीते मंगलवार को 20 दिनों का सबसे हाई संक्रमण स्कोर रहा। इस दिन अकेले 3 करोड़ 70 लाख केस सामने आए। यह आंकड़े चीन के एक सरकारी आयोग से लीक हुए दस्तावेजों से सामने आए हैं। 

दवाइयों के लिए हाहाकार

चीन में कोरोना वायरस के नए वेरिएंट BF.7 ( BA.5.2.1.7) हाहाकार मचाया हुआ है। दवाइयों की जबर्दस्त किल्लत है। यहां दवाएं कई गुना कीमत पर बिक रही हैं। दवाओं की प्रॉडक्शन बढ़ाने फॉर्मास्यूटिकल्स कंपनियां 24 घंटे काम कर रही हैं। रिपोर्ट्स के मुताबिक, चीन के 3 प्रांतों में कोरोना से हालात सबसे बदतर हैं। ये प्रांत सिचुआन, हेनान और हुबेई हैं। इन प्रांतों में कोरोना के चलते करीब 2 करोड़ से ज्यादा लोग संक्रमित हो चुके हैं। इसके अलावा चीन के हुनान, बीजिंग, अनहुई, शेनडांग, हेबेई और ग्वांगडोंग प्रांतों में भी 1 से 2 करोड़ लोग कोरोना की चपेट में आ चुके हैं।
 

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