उज्जैन. आकाश मंडल का सबसे रहस्यमयी ग्रह शनि की चाल में लगातार परिवर्तन देखने को मिल रहा है। पिछले दिनों यानी 29 अप्रैल को ये ग्रह राशि बदलकर मकर से कुंभ राशि में आया है और 5 जून को ये वक्री होने जा रहा है। वक्री रहते हुए ये ग्रह कुछ दिनों बाद मकर राशि में पुन: प्रवेश करेगा और साल भर तक इसी राशि में रहेगा। शनि का वक्री होना कुछ लोगों के लिए शुभ रहेगा और कुछ लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ सकता है। हालांकि मकर और कुंभ दोनों ही शनि की राशियां हैं यानी इन राशियों में रहते हुए शनि अपने ही घर में रहता है, ये कहना गलत नहीं होगा। इस समय शनि की साढ़ेसाती का प्रथम चरण मीन राशि पर है। वहीं कुंभ पर दूसरा और मकर में तीसरा चरण है। शनि के वक्री होना का सबसे ज्यादा निगेटिव असर किन राशियों पर होगा, आगे जानिए…
शनि के वक्री होने से इस राशि के लोगों को मुश्किलें बढ़ सकती हैं। नौकरीपेशा लोगों की परेशानियां बढ़ सकती हैं। काम का बोझ ज्यादा होने से मानसिक और शारीरिक थकान का सामना करना पड़ेगा। किसी से वाद-विवाद की स्थिति भी बन सकती है। अगर कहीं पैसा निवेश किया है तो धन हानि की स्थिति भी बन सकती है। ये समय आपकी सेहत के लिए भी सावधानी रखने वाला होगा। छोटी सी लापरवाही बड़े दुख का कारण बन सकती है। दुर्घटना का शिकार भी हो सकते है।
23
शनि के वक्री होने से इस राशि के लोगों के खर्चे अचानक बढ़ सकते हैं। इसकी वजह से आर्थिक तंगी का सामना करना पड़ेगा। पैसों के लेकर किसी से विवाद की स्थिति भी बन सकती है। मानसिक तनाव के कारण आप डिप्रेशन में जा सकते हैं। अगर आप कहीं इनवेस्टमेंट के बारे में सोच रहे हैं तो बहुत ही सावधानी से काम करना होगा,नहीं तो बड़ा नुकसान हो सकता है। वाहन सावधानी से चलाएं।
33
शनि का वक्री होना इस राशि के लोगों के लिए अच्छे संकेत नहीं है। इस राशि के लोगों को बिजनेस में नुकसान हो सकता है, इसलिए जो भी काम करें, उसमें अनुभवी लोगों की सलाह जरूर लें। करियर से जुड़े मामले अटक सकते हैं। इस समय किसी को भी पैसा उधार न दें, नहीं तो वो पैसा लंबे समय के लिए अटक सकता है। वैवाहिक जीवन में उतार-चढ़ाव की स्थिति बन सकती है। जोखिम भरे कामों से बचें।
Spirituality News in Hindi (आध्यात्मिक खबर): Get latest spirituality news about festivals, horoscope, religion, wellness, metaphysical, parapsychology and yoga in India at Asianet News Hindi