अलग-अलग ग्रहों के साथ मिलकर शुभ-अशुभ फल प्रदान करता है चंद्रमा, जानिए खास बातें

Published : Jan 17, 2021, 01:50 PM IST

उज्जैन. ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, जन्म कुंडली में चन्द्रमा मन, माता, भावनात्मक लगाव, जल इत्यादि का कारक है। यदि आपकी कुंडली में चन्द्रमा उच्च का, अपने घर का, केंद्र या त्रिकोण में शुभ स्थिति में है तो व्यक्ति अपने जीवन काल में सभी सुख-सुविधा का उपभोग करता है। चन्द्रमा आपकी कुंडली में नीच का, त्रिक भाव का या अशुभ ग्रहों के भाव में स्थित है तो आपको धोखा, अपमान इत्यादि का सामना करना पड़ता है। चन्द्रमा जब कुण्डली में किसी अन्य ग्रह के साथ युति सम्बन्ध बनाता है तो कुछ ग्रहों के साथ इसके परिणाम शुभ फलदायी होते हैं तो कुछ ग्रहों के साथ इसकी शुभता में कमी आती है। आगे जानिए किस ग्रह के साथ कैसे फल देता है ये चंद्रमा…

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अलग-अलग ग्रहों के साथ मिलकर शुभ-अशुभ फल प्रदान करता है चंद्रमा, जानिए खास बातें

चंद्र और मंगल
जिस व्यक्ति की कुंडली में चन्द्रमा और मंगल साथ हो तो ऐसा व्यक्ति बहुत गुस्से वाला होता है। इनका दिमाग बहुत ही शातिर किस्म का होता है। प्रारम्भिक जीवन संघर्षमय व्यतीत होता है परन्तु बाद में उत्तरोत्तर आगे ही बढ़ते जाते है। यदि यह स्थिति अशुभ घर में हो तो इनकी माता को कोई कष्ट होता है। व्यक्ति को शरीर में कोई न कोई चोट का निशान होता है।

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चन्द्रमा और राहु
जिस व्यक्ति की कुंडली में चंद्रमा और राहु साथ हो तो ऐसा व्यक्ति धोखेबाज तथा धूर्त होता है। ये हमेशा भौतिक सुख के लिए लालायित रहता है और इस सुख को पाने के झूठ-सच बोलना तो इनके लिए आम बात होती है। ऐसे लोग मानसिक बीमारी के भी शिकार हो सकते है।

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चंद्र और शुक्र 
यदि आपकी कुंडली में चन्द्रमा और शुक्र एक साथ हो तो आप प्रेमी के रूप में जाने जा सकते हैं। व्यक्ति का किसी अन्य महिला के साथ सम्बन्ध हो सकता है। ऐसा व्यक्ति घर से सुखी सम्पन्न होता है। संगीत या नृत्य में रूचि होती है। ऐसा योग अशुभ स्थान में बन रहा हो तो दाम्पत्य जीवन को कष्ट प्रदान करता है।

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चंद्र और गुरु
कुंडली में चंद्र और गुरु साथ हो तो ऐसा व्यक्ति धार्मिक होता है। उसे पढाई के लिए अपने जन्म स्थान से दूर जाना पड़ सकता है। शुगर रोग से ग्रसित हो सकते है। कफ से जुड़ी परेशानियां हो सकती हैं। यदि चन्द्रमा और गुरु दोनों अशुभ भाव का स्वामी होकर स्थित है तो लीवर में प्रॉब्लम हो सकती है।

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चन्द्रमा और शनि
यदि आपकी कुंडली में चन्द्रमा और शनि एक ही भाव में हो तो आप नकारात्मक सोच वाले व्यक्ति हो सकते है। ऐसे लोग डिप्रेशन के भी शिकार हो सकते है। आप जिद्द्दी किस्म के इंसान होंगे। आपको कार्य में धोखा तथा बदनामी हो सकती है अतः धोखेबाज से सावधान रहें। काम के लिए यात्रा करनी पर सकती है। ऐसा व्यक्ति खाने-पीने का शौक़ीन होता है।

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चन्द्रमा और केतु
ऐसा व्यक्ति हमेशा मुक्ति की बात करता है। जीवन का क्या है रहस्य इत्यादि प्रश्न मन में पानी में उठने वाले बुलबुले की तरह आता है और समाप्त हो जाता है। व्यक्ति सन्यास की ओर बढ़ता है। इनकी माता धार्मिक होती है। ऐसा व्यक्ति हमेशा असमंजस की स्थिति में रहता है।

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चन्द्रमा और सूर्य
यदि कुंडली में चन्द्रमा और बुध एक साथ हो तो आप लेखक, किसी मैगजीन या अखबार के सम्पादक या पत्रकार की भूमिका में समाज के लिए कुछ नया कर सकते हैं। ऐसे लोग अवैध कामों में लिप्त हो सकते हैं। ऐसे लोग कम परिश्रम में अधिक सफलता प्राप्त करते हैं।

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