Published : Aug 12, 2020, 07:58 PM ISTUpdated : Aug 12, 2020, 08:08 PM IST
ग्वालियर. आज पूरे देश में जन्माष्टमी उत्सव यानी भगवान श्रीकृष्ण का जन्मोत्सव मनाया जा रहा है। हालांकि, कोरोना वायरस के कहर को देखते हुए मंदिरों में श्रद्धालुओं के प्रवेश पर प्रतिबंध है। ऐसे में लोग घरों और सोशल मीडिया के जरिए श्रीकृष्ण के दर्शन कर रहे हैं। इसी मौके पर ग्वालियर के गोपाल मंदिर में भगवान राधाकृष्ण का 100 करोड़ रुपए से ज्यादा के गहनों से श्रृंगार किया गया है। पहले कड़ी सुरक्षा के बीच हीरा-मोती जड़ित इन गहनों को जिला कोषालय से मंदिर लाया गया इसके बाद 200 पुलिसकर्मियों की मौजूदगी और सीसीटीवी कैमरों की निगरानी में राधाकृष्ण यह ज्वैलरी पहनाई गई।
बदा दें कि ग्वालियर के फूलबाग में गोपाल मंदिर बना हुआ है। जहां जन्माष्टमी के अवसर पर हर साल लाखों लोग दर्शन करने आते हैं। लेकिन इस बार लोग भगवान राधाकृष्ण के इस सजीले श्रृंगार के दर्शन की व्यवस्था फेसबुक के माध्यम से की गई है।
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बताया जाता है कि फूलबाग में बने इस गोपाल मंदिर का निर्माण सिंधिया राजवंश ने सन 1921 में कराया था। इसके बाद सिंधिया रियासत के महाराज माधवराव ने इसका जीर्णोद्धार कराया और बेशकीमती ज्वैलरी में हीरे और पन्ना जड़ित गहने बनावाए। फिर आजादी के बाद सिंधिया राजवंश ने इस मंदिर की देखरेख और कीमती गहनों को भारत सरकार को सौंप दिए थे। जिनको आज के समय में जिला कोषालय के लॉकर में रखे होते हैं।
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बताया जाता है कि आजादी के बाद वर्षों तक ये गहने बैंकों के लॉकर में पड़े रहे। 2007 में डॉ पवन शर्मा ने नगर निगम आयुक्त की कमान संभाली थी। उसके बाद नगर निगम के पास उपलब्ध संपत्तियों के बारे में उन्होंने जानकारी जुटाई। इस दौरान भगवान के इन गहनों की जानकारी मिली थी। उसके बाद जन्माष्टमी के दिन भगवान राधा-कृष्ण को इन गहनों से श्रृंगार कराने की परंपरा शुरू हुई।
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तस्वीर में आप साफ तौर पर देख सकते हैं कितनी भारी सुरक्षा व्यवस्था के बीच कोषालय से भगवान राधाकृष्ण के गहने के बक्से के जरिए लोग ला रहे हैं। मंदिर में लाए गए।
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बाहर से देखने पर ग्वालियर के फूलबाग में बना भगवान राधाकृष्ण गोपाल मंदिर ऐसा दिखाई देता है।
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