Published : Dec 26, 2019, 03:33 PM ISTUpdated : Dec 26, 2019, 05:07 PM IST
नई दिल्ली. कर्नाटक के कलबुर्गी में सूर्य ग्रहण के दौरान अंधविश्वास का बड़ा उदाहरण देखने को मिला। यहां सूर्य ग्रहण के दौरान परिजनों ने तीन बच्चों को गर्दन तक मिट्टी में गाड़ दिया। तीनों बच्चे दिव्यांग है। परिजनों का मानना था कि बच्चों को गर्दन तक गाड़ने पर उनकी दिव्यांगता खत्म हो जाएगी। भारत में सुबह करीब 8 बजे से शुरू हुए ग्रहण का असर दोपहर डेढ़ बजे तक रहा। इस दौरान देश के अलग-अलग जगहों पर पूजा-अर्चना की गई।
गुजरात के द्वारिका से दिखा सूर्य ग्रहण साल का दूसरा और अंतिम सूर्य ग्रहण भारत में खत्म हो चुका है। सबसे पहले इसे गुजरात के द्वारिका में देखा गया। दक्षिण भारत के केरल, कर्नाटक, तमिलनाडु में इस ग्रहण के दौराण बनने वाला कंकण भी देखा गया।
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पीएम मोदी ने भी सूर्य ग्रहण देखा। उन्होंने खास चश्मा लगाया था। उन्होंने ट्वीट कर इसकी जानकारी दी। उन्होंने लिखा : पीएम मोदी ने ट्वीट किया, अन्य भारतीयों की तरह मैं भी सूर्य ग्रहण देखने को उत्साही था। लेकिन दुर्भाग्यपूर्ण मैं बादलों के चलते नहीं देख पाया। मैंने केरल के कोझिकोड और अन्य भागों में लाइव स्ट्रीमिंग के जरिए इसे देखा। उन्होंने आगे लिखा, विशेषज्ञों के साथ बातचीत करके इस विषय पर अपने ज्ञान को बढ़ाया।
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