Published : Jun 05, 2020, 03:52 PM ISTUpdated : Jun 05, 2020, 05:16 PM IST
मुंबई. चक्रवाती तूफान निसर्ग महाराष्ट्र के तटीय इलाकों में तबाही मचाने के बाद गुजर चुका है। चक्रवात के कारण अब तक 8 लोगों के मौत की बात कही जा रही है। वहीं, संपत्ति का भी भारी नुकसान हुआ है। तूफान आने के 48 घंटे यानी आज शुक्रवार को सूबे के मुखिया उद्धव ठाकरे अपने बेटे आदित्य ठाकरे के साथ हालात का जायजा लेने पहुंचे। यहां उन्होंने हुए स्थितियों का जायजा लिया। इसके साथ ही उन्होंने आपदा राहत कोष से नुकसान की भरपाई के लिए 100 करोड़ की राशि का ऐलान किया है। गौरतलब है कि निसर्ग तूफान बुधवार को दोपहर 1 बजे अलीबाग के तट से टकराया था। जिसके बाद 120 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलीं। समुद्र में लगातार ऊंची-ऊंची लहरें उठती रहीं। जिसके असर से कई जगह पेड़ गिर गए हैं तो कुछ जगह टीन शेड हवा में उड़ते हुए दिखे। वहीं, गाड़ियां पेड़ के नीचे आने से चकनाचूर हो गए। देखिए निसर्ग तूफान की तबाही की तस्वीरें...
सीएम उद्धव ठाकरे रायगढ़ जिले के अलीबाग पहुंचे। जहां उन्होंने स्थितियों की समीक्षा की।
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निरीक्षण के दौरान उद्धव ठाकरे ने नुकसान की समीक्षा के लिए जांच के आदेश दिए हैं।
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राहत कार्य और नुकसान की भरपाई के लिए सीएम उद्धव ठाकरे ने सौ करोड़ रुपए का ऐलान किया है। इस दौरान उद्धव ठाकरे के बेटे और महाराष्ट्र सरकार में मंत्री आदित्य ठाकरे भी मौजूद थे।
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निसर्ग तूफान की वजह से उड़ी घर की छत।
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निसर्ग तूफान ने भयंकर तबाही मचाई।
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120 किमी की रफ्तार से आए तूफान ने सबकुछ उजाड़ कर रख दिया है।
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तूफान की वजह से उखड़े टिन शेड
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तेज तूफान की वजह से पेड़ उखड़ गए। जिसकी चपेट में एक कार भी आ गई।
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निसर्ग की वजह से घर भी गिर गए।
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निसर्ग इतना ताकतवर था कि मजबूत पेड़ भी इसको नहीं सह सके और उसे जड़ से उखाड़ दिया।
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तूफान आने के बाद भयंकर बारिश ने भी कहर मचाया था।
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रायगढ़ के अलीबाग की यह तस्वीर। जहां तूफान के आगोश में आने के बाद टिनशेड उड़ गई।
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रत्नागिरी में तूफान की चपेट में एक समुद्री जहाज भी आ गया था।
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पेड़ गिरने से कार उसके चपेटे में आ गई।
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निसर्ग तूफान के कमजोर पड़ने के बाद तबाही के मलबों को साफ करते एनडीआरएफ के कर्मी।
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निसर्ग तूफान के दस्तक देने से पहले की तस्वीर।
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निसर्ग तूफान जब अलीबाग के तट से टकराया। जिसके बाद मुंबई और अन्य इलाकों में 120 किमी की रफ्तार से हवाएं चलने लगी। जिसके बाद पेड़ भी खुद को नहीं संभाल सके।
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निसर्ग तूफान के ताकत को देखते हुए प्रशासन ने तटीय इलाकों को खाली करवा लिया था।
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रत्नागिरी में तूफान की वजह से बीच सड़क पर गिरा पेड़।
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निसर्ग तूफान से किसी के जानमाल का नुकसान न हो इसके लिए एनडीआरएफ की 20 से अधिक टीमों को तैनात किया गया था।
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निसर्ग तूफान के प्रभावित इलाकों में 80 हजार से अधिक लोगों को रेस्क्यू किया गया था।
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निसर्ग तूफान के ताकत को देखते हुए तटीय इलाकों में रहने वाले लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया था। हालांकि, मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक तूफान की चपेट में आने से अब तक 8 लोगों की मौत हो चुकी है।
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तूफान के कारण महाराष्ट्र में भारी बारिश भी हुई। इस दौरान महानगर में बाढ़ जैसे हालात बन गए। वहीं, निसर्ग तूफान का असर मध्यप्रदेश और कर्नाटक तक देखने को मिला। जहां दूसरे दिन इन राज्यों में बारिश भी हुई।
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निसर्ग तूफान की वजह से अभी तक कितनी राशि का नुकसान हुआ है। इसका आकलन नहीं किया जा सका है। सरकार ने अधिकारियों को नुकसान की समीक्षा के लिए जांच का आदेश दिया है।
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