उत्तर प्रदेश में 22% तो बिहार में 8% प्रवासी मजदूर कोरोना पॉजिटिव, 4 राज्यों में तेजी से बढ़े केस

Published : May 20, 2020, 01:46 PM IST

नई दिल्ली. कोरोना महामारी के बीच प्रवासी मजदूरों को उनके घर पहुंचाने के लिए केंद्र सहित राज्य सरकारें तमाम कोशिश कर रही हैं। लेकिन इस बीच बड़ा खतरा भी सामने आ रहा है। प्रवासी मजदूर अपने घर तो पहुंच रहे हैं लेकिन उनके में कई कोरोना संक्रमित पाए जा रहे हैं। उत्तर प्रदेश आने वाले करीब 22.2% मजदूर कोरोना पॉजिटिव पाए गए हैं। वहीं दिल्ली से बिहार आने वाला हर चौथा मजदूर कोरोना पॉजिटिव पाया जा रहा है।  

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उत्तर प्रदेश में 22% तो बिहार में 8% प्रवासी मजदूर कोरोना पॉजिटिव, 4 राज्यों में तेजी से बढ़े केस


उत्तर प्रदेश में प्रवासी मजदूर के संक्रमण का प्रतिशत 22.2% है, जबकि प्रदेश का कुल मिलाकर संक्रमण का प्रतिशत 2.6% है। यानी प्रवासी श्रमिकों एवं कामगारों में 9 गुना अधिक संक्रमण पाया गया है ।
 

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आशा कार्यकर्ताओं ने प्रदेश में आए 4,75,812 प्रवासी श्रमिकों और कामगारों का सर्वेक्षण किया। इनमें से 565 लोग कोरोना संक्रमण के किसी ना किसी लक्षण जैसे सांस लेने में तकलीफ, सर्दी, खांसी और बुखार वाले मिले। इनकी जांच करायी गयी और 117 लोगों की जांच के परिणाम आये हैं, जिनमें से 26 पाजिटिव पाये गये हैं।

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पिछले चार दिनों में बिहार में 400 से ज्यादा पॉजिटिव केस सामने आए हैं। यहां पहुंचने वाला करीब हर चौथा शख्स कोरोना पॉजिटिव निकल रहा है।  स्वास्थ्य विभाग के आंकड़ों को देखे तो राज्यों से विशेष ट्रेनों से आए प्रवासी मजदूरों में से 8337 नमूनों की जांच की गई, जिनमें से 651 पॉजिटिव पाए गए। दिल्ली से आए 835 लोगों के नमूनों की जांच की गई, जिसमें 218 लोग पॉजिटिव पाए गए। यानी हर चौथा प्रवासी मजदूर कोरोना पॉजिटिव निकला।

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पश्चिम बंगाल से आने वाले 12% प्रवासी मजदूर कोरोना पॉजिटिव पाए गए। महाराष्ट्र से आने वाले प्रवासी मजदूरों में 11% मजदूर कोरोना पॉजिटिव पाए गए।

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अब तक लगभग साढ़े चार लाख प्रवासी मजदूरों की घर वापसी हो चुकी है। लेकिन उनमें से मात्र 8337 के नमूमों की जांच में 651 पॉजिटिव पाए गये हैं। यह कुल टेस्टिंग का 8% है। 18 राज्यों से ट्रेनों से प्रवासी मजदूरों को लाने के लिए कार्यक्रम बनाए गए हैं। ट्रेनों से आने वाले लोगों को स्टेशन पर से ही बसों के माध्यम से विभिन्न जिलों के मुख्यालयों तक भेजा जा रहा है, जहां से उन्हें क्वारेंटीन सेंटर पर भेजा जा रहा है। इसके लिये 4500 बसों को लगाया गया है।

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राजस्थान में 1 मई से 759 प्रवासी कामगार कोरोना संक्रमित पाए गए हैं। अधिकारियों ने कहा है कि इनमें से अधिकतर मुंबई से लौटे हैं। जयपुर, कोटा, बूंदी और गंगानगर को छोड़कर, राजस्थान के बाकी 29 जिलों में प्रवासी मजदूर पॉजिटिव पाए गए हैं, जिनमें भीलवाड़ा भी शामिल है, जहां लगभग 20 दिनों तक संक्रमण का कोई मामला सामने नहीं आया था। अभी तक 5,87,880 प्रवासी कामगार राजस्थान लौटे हैं और राज्य में संक्रमितों की संख्या 5,507 हैं। 

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कर्नाटक स्वास्थ्य विभाग के आंकड़ों के अनुसार, राज्य में सोमवार को सामने आए 99 मामलों में से 66 मामले मुंबई से लौटे प्रवासियों से जुड़े हुए थे। कुछ मामले उन लोगों के थे, जो तमिलनाडु और गुजरात से लौटे हैं। कर्नाटक में कुल 1,692 मामले दर्ज हुए हैं और उनमें से आधे ऐसे हैं, जो 1 मई के बाद राज्य में वापस आए हैं।

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देश में कोरोना संक्रमितों की संख्या 1 लाख के पार पहुंच गई है। 3 हजार से ज्यादा लोगों की मौत कोरोना से हो चुकी है। पिछले कुछ दिन से रोजाना औसतन 4 हजार से ज्यादा मामले सामने आ रहे हैं। अगर इसी रफ्तार से संख्या बढ़ती रही, तो जून के पहले हफ्ते तक मरीजों की संख्या 2 लाख से ज्यादा होने का अंदेशा है।

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