Published : Aug 20, 2020, 12:03 PM ISTUpdated : Aug 20, 2020, 12:19 PM IST
नई दिल्ली. कोरोना महामारी से संक्रमण के मामले देशभर में लगातार बढ़ते जा रहे हैं। इस पर रोकथाम पाने के लिए सरकार ने देशभर में लॉकडाउन लागू किया था। हालांकि, अब अनलॉक की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है। वहीं, दुनियाभर के सैकड़ों देश इससे छुटकारा पाने के लिए वैक्सीन बनाने में लगे हुए हैं। कई तो इसके परीक्षण के अंतिम स्टेज पर भी पहुंच चुके हैं। इसके साथ ही अब भारत में नीम से कोरोना का तोड़ निकाले जाने की तैयारी की जा रही है।
दरअसल, कोरोना की काट ढूंढने के लिए डॉक्टरों और रिसर्चरों की टीम के साथ-साथ इस प्रक्रिया में आयुर्वेद भी लगातार प्रयोग कर रहा है। ऑल इंडिया इंस्टीट्यूट ऑफ आयुर्वेद (AIIA) ने निसर्ग हर्ब्स नाम की कंपनी के साथ समझौता किया है। इन दोनों संस्थाओं ने समझौता किया है कि ये परीक्षण करेंगी और इसमें देखेंगी कि नीम कोरोना से लड़ने में कितना कारगर है।
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बताया जा रहा है कि इस परीक्षण को फरीदाबाद के ESIC अस्पताल में किया जाएगा। AIIA की निदेशक डॉ तनुजा नेसारी इस अनुसंधान की प्रमुख परीक्षणकर्ता होंगी। उनके साथ ESIC अस्पताल के डीन डॉ असीम सेन भी साथ होंगे। इस टीम में AIIA और ESIC के 6 और डॉक्टर शामिल होंगे।
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रिपोर्ट्स में बताया जा रहा है कि ये टीम 250 लोगों पर परीक्षण करेगी और पता लगाएगी कि नीम के तत्व कोरोना वायरस का संक्रमण रोकने में कितना कारगर है।
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इसके साथ ही इस रिसर्च में मुख्य रूप से ये पता किया जाएगा कि नीम के कैप्सूल कोरोना मरीजों के संपर्क में आने वाले लोगों को इस बीमारी से दूर रखने में कितना प्रभावी हैं।
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इस परीक्षण के लिए जिन लोगों पर कैप्सूल का परीक्षण किया जाएगा उनका चयन शुरू हो चुका है। इस प्रक्रिया में 125 लोगों को नीम कैप्सूल दिया जाएगा, जबकि 125 लोगों को खाली कैप्सूल खाने के लिए दिया जाएगा। ये प्रक्रिया 28 दिनों तक चलेगी। इसके बाद 28 दिनों तक रोगियों का निरीक्षण किया जाएगा और दवाओं के असर को समझा जाएगा।
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निसर्ग बायोटेक के संस्थापक और सीईओ गिरीश सोमन ने कहा कि उन्हें भरोसा है कि उनकी ये दवा कोरोना की रोकथाम में असरदार एंटी वायरल दवा साबित होगी।
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प्रतिकात्मक फोटो, सोर्स- गूगल।
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