Published : Feb 02, 2020, 11:14 AM ISTUpdated : Feb 02, 2020, 12:29 PM IST
नई दिल्ली. निर्भया के दोषियों को भी शायद एहसास हो गया है कि अब वह ज्यादा दिनों तक जिंदा नहीं रहेंगे। ऐसा इसलिए कहा जा रहा है, क्योंकि शुक्रवार को जब उन्हें फांसी टलने की खबर मिली तब भी उनके चेहरे के भाव में ज्यादा बदलाव नहीं आया। किसी तरह की खुशी नहीं दिखी। इतना ही नहीं, फांसी टलने के बाद भी चारों दरिंदों की नींद उड़ी हुई है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, उन्हें देखकर लग रहा था कि उन्हें भी पता हो कि अब उनकी जिंदगी के ज्यादा दिन नहीं बचे हैं।
एक फरवरी को फांसी टलने पर निर्भया की मां आशा देवी ने अपना दर्द बयां करते हुए कहा था कि समझ नहीं आ रहा है क्या कहूं। आरोपियों की फांसी फिर से टल गई है। अब तो इतना विश्वास डगमगा गया है कि जब तक नहीं हो जाती कुछ नहीं कह सकती।
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फांसी की तारीख से पहले जेल प्रशासन ने पवन और मुकेश के घरवालों को अंतिम मुलाकात की बात कहकर बुलाया था।
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शुक्रवार को तिहाड़ जेल में विनय के घरवाले भी पहुंचे थे। मां को देखकर विनय रोने लगा। वह अपने परिवार से ऐसे मिला जैसे कि आखिरी मुलाकात हो।
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दोषी मुकेश और विनय की सुप्रीम कोर्ट से अर्जी खारिज होने के बाद रिव्यू, क्यूरेटिव और फिर दया याचिका खारिज हो चुकी है। सुप्रीम कोर्ट में रिट डालने का अधिकार हमेशा रहता है। अक्षय की रिव्यू और क्यूरेटिव खारिज हो चुकी है, लेकिन दया याचिका का विकल्प बचा हुआ है। पवन की क्यूरेटिव पिटिशन और दया याचिका दोनों ही बची है।
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निर्भया का चौथा दोषी अक्षय बिहार का रहने वाला है। फांसी की तारीख पास होने के बाद भी अक्षय से मिलने के लिए परिवार का कोई भी सदस्य नहीं आया।
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