नई दिल्ली. भारतीय वायुसेना चीफ एयर चीफ मार्शल आरकेएस भदौरिया ने बुधवार को कहा कि तेजस में बालाकोट स्ट्राइक से भी ज्यादा ताकत से हमला करने की क्षमता है। उन्होंने तेजस को पाकिस्तान- चीन के JF-17 से बेहतर बताया। सरकार ने बुधवार को ही भारतीय वायुसेना में 83 तेजस शामिल करने की मंजूरी दी है। ऐसे में आईए जानते हैं कि भारत के तेजस के मुकाबले पाकिस्तान को चीन से मिले जेएफ-17 फाइटर जेट में कितना दम है और दोनों में कौन बेहतर है?
एलसीए तेजस पूरी तरह स्वदेशी विमान है। इसका नाम पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी ने दिया था। वहीं, पाकिस्तान के पास चीन से खरीदे हुए JF- 17 विमान हैं। हालांकि, JF- 17 में 58% एयरप्रेम पाकिस्तानी, जबकि 42% चीन और रूस का डिजाइन है।
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तेजस राफेल की तरह सिंगल सीटर विमान है। जबकि ट्रेनी विमान 2 सीटर है। वहीं, जेएफ-17 में भी सिंगल और टू सीटर विमान शामिल हैं।
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तेजस हवा से हवा और हवा से जमीन पर मिसाइल दागने में सक्षम है। वहीं, इसमें एंटीशिप मिसाइल, बम और रॉकेट भी लगाए जा सकते हैं। तेजस एक बार में 54 हजार फीट की ऊंचाई तक उड़ान भर सकता है। इसमें इजरायल का मल्टी मोड रडार सिस्टम लगा है। यह दुश्मन को आसानी से चकमा भी दे सकता है।
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जेएफ-17 की अधिकतम स्पीड 1975 किमी प्रतिघंटा है। वहीं, जबकि तेजस की स्पीड 2222 किमी प्रति घंटा है। जेएफ-17 एक बार में 12383 किलोग्राम वजन उठा सकता है, वहीं तेजस 13500 किलोग्राम वजन ले जा सकता है।
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तेजस 43.5 फीट लंबा और 14.9 फीट ऊंचा है। जबकि जेएफ-17 फाइटर 49 फीट लंबा और 15.5 फीट ऊंचा है। तेजस जेएफ-17 फाइटर से हल्का और आकार में भी छोटा है। इससे यह क्लोज कॉम्बेट में मदद करता है।
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तेजस में 6 तरह की हवा से हवा में मार करने वाली मिसाइलें तैनात की जा सकती हैं। इसमें डर्बी, पाइथन-5, आर-73, अस्त्र, असराम, मेटियोर, 2 तरह की हवा से जमीन पर मार करने वाली मिसाइलें ब्रह्मोस एनजी और एंटी रेडिएशन मिसाइल और ब्रह्मोस-एनटी शिप मिसाइल तैनात की जा सकती हैं।
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तेजस में लेजर गाइडेड बम, गाइडड बम और क्लस्टर हथियार भी लगाए जा सकते हैं। हालांकि, जेएफ-17 में भी ये हथियार लगाए जा सकते हैं। लेकिन मल्टी रोड रडार सिस्टम तेजस को जेएफ -17 से ज्यादा खतरनाक है।
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