Published : Dec 18, 2019, 12:13 PM ISTUpdated : Dec 18, 2019, 12:19 PM IST
नई दिल्ली. नागरिकता कानून के विरोध में प्रदर्शन के दौरान हुए लाठी चार्ज में जामिया मिल्लिया इस्लामिया के एक छात्र की आंखों की रोशनी चली गई। जामिया में लॉ के छात्र मोहम्मद मिनहाजुद्दीन ने बताया, रविवार को पुलिस की पिटाई के बाद उनकी बाईं आंख की रोशनी चली गई है। उन्होंने कहा कि जब वह लाइब्रेरी में पढ़ रहे थे तब 20-30 पुलिसवालों ने अंदर आकर छात्रों की डंडों से पिटाई की। बकौल मोहम्मद उनकी दाईं आंख की रोशनी भी जा सकती है।
"मेरा क्या कसूर" : मिनहाजुद्दीन ने कहा कि घायल हालत में जैसे तैसे एम्स पहुंचे। वहां इलाज शुरू हुआ, फिर डॉक्टरों ने बताया कि उसकी बांईं आंख में गंभीर चोट आई है और उसकी आंखों की रोशनी चली गई है। अब मिनहाजुद्दीन को न्याय चाहिए। उन्होंने सवाल खड़ा किया कि उनका क्या कसूर था जो उन्हें यह सजा मिली है। आंखों की रोशनी की वजह से उनकी पूरी जिंदगी अंधेरी हो गई है।
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जामिया में क्या हुआ था? : नागरिकता कानून के खिलाफ 15 दिसंबर को जामिया के छात्र प्रदर्शन कर रहे थे। इसी दौरान अचानक उपद्रव शुरू हुआ, जिसके बाद पुलिस ने लाठी चार्ज शुरू कर दिया। आरोप है कि पुलिस ने जामिया की लाइब्रेरी और हॉस्टल में घुसकर बच्चों को मारा। उन्हें गेट से बाहर खींचकर लाठियां बरसाईं। इस दौरान 4 बसों में आग लगाई गई। 100 से ज्यादा लोग घायल हुए।
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जामिया के बाद सीलमपुर में भी प्रदर्शन : नागरिकता कानून के खिलाफ मंगलवार को दिल्ली में एक बार फिर हिंसक प्रदर्शन हुआ। यह हिंसक प्रदर्शन दिल्ली के जाफराबाद, सीलमपुर में हुए। यहां हजारों की संख्या में प्रदर्शनकारी नागरिकता कानून का विरोध करने जुटे थे। इस दौरान भीड़ ने पुलिस को ही दौड़ लिया। वीडियो में दिख रहा है कि एक पुलिसवाले का डंडा छीनकर उसे ही मारा जा रहा है। यहां शुरू में कम संख्या में पुलिसकर्मी होने के चलते प्रदर्शनकारी पुलिस पर हावी हो गए। प्रदर्शनकारी पुलिस को चैलेंज भी कर रहे थे। पुलिस ने 66 फीट रोड पर ट्रैफिक रोक दिया। जाफराबाद, बाबरपुर, सीलमपुर और गोकुलपुरी में मेट्रो स्टेशन के गेट बंद करने पड़े।
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