मॉरिशस ने भारत से लीज पर लिया डोर्नियर और ध्रुव, भारत से की 100 मिलियन डॉलर की डिफेंस डील

Published : Feb 23, 2021, 02:15 PM IST

नेशनल डेस्क। मालदीव की यात्रा के बाद भारत के विदेश मंत्री एस. जयशंकर (S.Jaishankar) रविवार को मॉरिशस (Mauritius) पहुंचे। बता दें कि मॉरिशस हिंद महासागर क्षेत्र में भारत का प्रमुख रणनीतिक सहयोगी है। विदेश मंत्री की इस मॉरिशस यात्रा से दोनों देशों के बीच संबंध और भी मजबूत व गहरे होंगे, ऐसा कहा जा रहा है। भारत और मॉरिशस ने अपने द्विपक्षीय संबंधों को और भी आगे बढ़ाने के लिए 100 मिलियन डॉलर की एक स्पेशल डील पर साइन किए हैं। डिफेंस लाइन ऑफ क्रेडिट (Defence Line of Credit) नाम की इस डील के तहत मॉरिशस को भारत से कई आधुनिक विमान और हथियार मिलेंगे। भारत के विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने सोमवार को मॉरिशस में कहा कि उन्हें इस बात की बेहद खुशी है कि समझौते के तहत हम मॉरिशस के लीज पर लड़ाकू विमान डोर्नियर और हेलिकॉप्टर ध्रुव 2 साल के लिए दे रहे हैं। उन्होंने कहा कि इससे मॉरिशस को अपने तटीय क्षेत्रों की निगरानी करने में मदद मिलेगी। विदेश मंत्री मॉरिशस की दो दिवसीय यात्रा पर वहां पहुंचे थे। विदेश मंत्री ने कहा कि मॉरिशस की सुरक्षा भारत की सुरक्षा है और मॉरिशस की समृद्धि भारत की समृद्धि है। दोनों देशों के हित एक-दूसरे से जुड़े हैं।

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बता दें कि वैक्सीन मैत्री (Vaccine Maitri) पहल के तहत भारत ने देश में निर्मित 1 लाख वैक्सीन डोज मॉरिशस में वैक्सीनेशन प्रोग्राम के लिए भिजवाया है। भारत ने दूसरे देशों में भी वैक्सीन भेजा है। भारत के विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने मॉरिशस के प्रधानमंत्री प्रविन्द जगन्नाथ को 1 लाख कोविड वैक्सीन का डोज सौंपते हुए सोमवार को कहा कि हमें इस बात की बेहद खुशी है कि हम यह सुविधा मुहैया करा रहे हैं। उन्होंने कहा कि आने वाले हफ्तों में वैक्सीन के और भी कन्साइनमेंट भेजे जाएंगे। अपने सागर (SAGAR) मिशन के तहत भारत ने 23 टन जरूरी दवाइयां, हाइड्रोक्लोरोक्वाइन के 5 लाख टैबलेट और आर्युवेदिक दवाइयों का स्पेशल कन्साइनमेंट मॉरिशस में भेजा है। इसके अलावा वहां एक मेडिकल टीम भी भेजी गई है, जिसमें 14 डॉक्टर शामिल हैं।
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भारत के विदेश मंत्री ने कहा कि मॉरिशस और भारत के बीच खास रिश्ते रहे हैं और दोनों देश आर्थिक सहयोग को बढ़ाने के लिए एक समझौता करेंगे। इसे कॉम्प्रहेन्सिव इकोनॉमिक को-ऑपरेशन एंड पार्टनरशिप नाम दिया गया है। विदेश मंत्री ने कहा कि यह समझौता मॉरिशस के साथ भारत का पहला ऐसा समझौता होगा, जो कोविड महामारी के बाद अर्थव्यवस्था को आगे बढ़ाने और उसे मजबूत बनाने के लिए किया जा रहा है। इससे भारतीय निवेशकों को मॉरिशस में निवेश करने और अपने व्यवसाय का विस्तार करने में मदद मिलेगी। विदेश मंत्री ने कहा मॉरिशस बिजनेस के लिए अफ्रीकी देशों में एक बड़े केंद्र के तौर पर उभर रहा है।
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भारत के विदेश मंत्री ने कहा कि भारत का वर्तमान ग्लोबल इम्पोर्ट 15 बिलियन डॉलर से ज्यादा का है। मॉरिशस भी भारत के लगातर विकसित होते बाजार का फायदा उठा सकता है। उन्होंने कहा कि भारत 11 विस्तारित सर्विस सेक्टर्स में और 95 सब-सेक्टर्स में सर्विसेस मुहैया करता है। उन्होंने कहा कि मॉरिशस की जीडीपी का 76 फीसदी हिस्सा देश में सर्विस सेक्टर को मजबूत करेगा, क्योंकि आज यह क्षेत्र हर जगह तेजी से विकसित हो रहा है। उन्होंने कहा कि इन्फॉमेंशन एंड कम्युनिकेशन टेक्नोलॉजी (ICT) सेक्टर में भारतीय कंपनिया मॉरिशस में बड़ी भूमिका निभा सकती हैं।
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भारत के विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने मॉरिशस के प्रधानमंत्री को भारतीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का भारत की यात्रा के लिए आमंत्रण का संदेश भी दिया। मालदीव की यात्रा के बाद एस. जयशंकर की मॉरिशस की यह यात्रा बेहद अहम मानी जा रही है। इससे हिंद महासागर क्षेत्र में दोनों देशों को मजबूती मिलेगी और इससे दोनों देशों के संबंध और भी गहरे होंगे। ऐसा दुनिया के बड़े डिप्लोमैटिक एक्सपर्ट्स का मानना है।

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