नई दिल्ली. देशभर में हो रहे विरोध के बीच पाकिस्तान से भारत आए हिंदू शरणार्थियों ने शुक्रवार को राजधानी दिल्ली में नागरिकता कानून के समर्थन में शांतिपूर्ण मार्च निकाला। शरणार्थियों ने उत्पीड़ित परिवारों को जल्द नागरिकता देने की मांग की। साथ ही विपक्षी पार्टियों से नए बिल का विरोध ना करने की अपील की।
सिंध प्रांत से आए शरणार्थी धर्मवीर ने कहा, हमारे साथ पाकिस्तान में अत्याचार हुआ, हम इसलिए भारत आए। कुछ लोग कह रहे हैं कि इन्हें नागरिकता ना दी जाए। हम कहां जाएंगे। हमारे साथ लूटपाट हुई और देश छोड़ने के लिए मजबूर किया गया। हम सरकार से मांग करते हैं कि हमें जल्द से जल्द नागरिकता मिले।
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एक अन्य शरणार्थी तारा चंद ने भी इसी तरह का दुख बताया। उन्होंने कहा, उत्पीड़ित हिंदू परिवार घुसपैठिए नहीं हैं। उन्होंने कहा, हम घुसपैठिए नहीं हैं। हम वैध तौर पर वीसा और पासपोर्ट के जरिए भारत आए हैं। विपक्षी पार्टियां हमसे नाराज हैं।
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उन्होंने कहा, हम यहां आए हैं, अब हम कहां जाएंगे। विपक्षी पार्टियां कह रही हैं, हमें नागरिकता नहीं दी जाए। मैं उनसे इस बिल का विरोध ना करने की अपील करता हूं।
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संसद के दोनों सदनों ने शीतकालीन सत्र में नागरिकता संसोधन को पास किया था। राष्ट्रपति की अनुमति के बाद यह कानून बन गया। इसके तहत पाकिस्तान, अफगानिस्तान और बांग्लादेश से आने वाले हिंदू, जैन, बुद्ध, पारसी, इसाई और सिख शरणार्थियों को नागरिकता देने का प्रावधान है। वहीं, मुस्लिमों के इसमें शामिल ना होने के चलते कांग्रेस और अन्य विपक्षी पार्टियां इसे गैर संवैधानिक बता रही हैं। इसके चलते देश भर में विरोध हो रहा है।
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