Published : Nov 11, 2022, 07:48 AM ISTUpdated : Nov 11, 2022, 12:02 PM IST
बेंगलुरु(Bengaluru). प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने आज दुनिया के सामने 'बदलते भारत' की एक खूबसूरत मिसाल पेश की हैं। मोदी 11 और 12 नवंबर, 2022 को कर्नाटक, तमिलनाडु, आंध्र प्रदेश और तेलंगाना के दौरे पर हैं। इस दौरान प्रधानमंत्री ने बेंगलुरु में केम्पेगौड़ा अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे के टर्मिनल 2(Terminal 2 of Kempegowda International Airport ) का उद्घाटन किया। इसे लगभग 5000 करोड़ रुपये की लागत से बनाया गया है। ये टर्मिनल इस हवाई अड्डे की पैसेंजर कैपिसिटी को लगभग 2.5 करोड़ की मौजूदा क्षमता से दोगुना करके 5-6 करोड़ यात्री प्रति वर्ष कर देगा। केम्पेगौड़ा अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट का टर्निमल-2 पर इन गार्डन्स को स्वदेशी तकनीक( indigenous technology) का उपयोग करके यानी भारत में ही बनाया गया है। केम्पेगौड़ा एयरपोर्ट देवानहल्ली गांव के निकट शहर के उत्तर में 40 किलोमीटर (25 मील) के उत्तर में स्थित है। देखिए कुछ तस्वीरें...
केम्पेगौड़ा अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे के टर्मिनल 2 को बेंगलुरु की गार्डन सिटी के प्रति एक ट्रिब्यूट के तौर पर डिज़ाइन किया गया है। यहां आने वाले पैसेंजर को यूं लगेगा, जैसे कि वे किसी गार्डन से होकर गुजर रहे हों।
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केम्पेगौड़ा अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे के टर्मिनल 2 पर पैसेंजर्स 10,000 से अधिक वर्गमीटर की हरी दीवारों, हैंगिंग गार्डन और बाहरी उद्यानों में से गुजरेंगे। इस हवाई अड्डे ने पहले ही परिसर में अक्षय ऊर्जा(renewable energy) के 100 प्रतिशत उपयोग के साथ सस्टेनेबिलिटी के मामले में एक बेंचमार्क स्थापित कर लिया है।
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केम्पेगौड़ा अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे के टर्मिनल 2 को बनाते हुए इसके डिजाइन में सस्टेनेबिलिटी के सिद्धांतों को पिरोया गया है। निरंतरता की ऐसी पहलों के आधार पर टर्मिनल 2 दुनिया का ऐसा सबसे बड़ा टर्मिनल होगा जिसका परिचालन शुरू होने से पहले ही उसे यूएस जीबीसी (ग्रीन बिल्डिंग काउंसिल) द्वारा पूर्व प्रमाणित प्लेटिनम रेटिंग प्राप्त हो गई है।
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'नवरस' की थीम टर्मिनल 2 के लिए कमीशन की गई सारी कलाकृतियों को साथ लाती है। ये कलाकृतियां कर्नाटक की विरासत और संस्कृति के साथ-साथ व्यापक भारतीय लोकाचार(ethos) को दर्शाती हैं। केम्पेगौड़ा अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट का टर्निमल-2 में यात्री 10,000+वर्गमीटर की ग्रीन वॉल्स, हैंगिंग गार्डन्स और आउटडोर गार्डन्स से होते हुए गुजरेंगे। यानी उन्हें पता ही नहीं चलेगा कि हवाई जहाज तक पहुंचने में कितनी दूरी तय की।
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केम्पेगौड़ा विमानक्षेत्र में रनवे की लंबाई 10800 फीट है। यह अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा करीब 4000 एकड़ (1,600 हेक्टेयर) में फैला। टर्मिनल 2 को बेंगलुरु के गार्डन सिटी के रूप में साकार करते हुए डिजाइन किया गया है। बता दें कि बेंगलुरु को आईटी कैपिटल के अलावा गार्डन सिटी के रूप में भी जाना जाता रहा है।
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यह मई 2008 में ओपन हुआ था। इसका नाम बेंगलुरू के संस्थापक केम्पेगौड़ा के नाम पर रखा गया है। यह एयरपोर्ट कर्नाटक का पहला पूर्ण सौर ऊर्जा(full solar power) वाला हवाई अड्डा है। केम्पेगौड़ा एयरपोर्ट देश में यात्रियों के लिहाज से दिल्ली, मुंबई के बाद तीसरा सबसे व्यस्त हवाई अड्डा है। यह एशिया में 35वां सबसे व्यस्त हवाई अड्डा मना जाता है।
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केम्पेगौड़ा का संबंध बेंगलुरु यानी गौरवशाली विजयनगर साम्राज्य से है। विजयनगर साम्राज्य के शासकों ने 14वीं से 17वीं शताब्दी तक शासन किया था।
प्रधान मंत्री नरेंद्र मोदी ने बेंगलुरु में केम्पेगौड़ा अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे के नए उद्घाटन टर्मिनल 2 की समीक्षा की। टर्मिनल को लगभग 5000 करोड़ रुपये की लागत से बनाया गया है।
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