क्या सच में रामदेव ने कोरोना की दवा बना ली है? जानिए कितनी कारगर है, कब कहां और कितने में मिलेगी?

Published : Jun 23, 2020, 01:39 PM ISTUpdated : Jun 24, 2020, 12:08 PM IST

नई दिल्ली. कोरोना वायरस की दवा को लेकर पूरी दुनिया में रिसर्च हुई। अब बाबा रामदेव ने इसकी दवा बनाने का दावा किया है। उन्होंने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर बताया कि इस दवा का नाम 'दिव्य कोरोनिल टैबलेट' है। रामदेव के मुताबिक, इस दवा से 7 दिन में 100% मरीज ठीक हुए। सोमवार को Ordernil APP लॉन्च किया जाएगा। वहीं आयुष मंत्रालय ने पतंजलि आयुर्वेद लिमिटेड द्वारा #COVID19 उपचार के लिए बनाई गई आयुर्वेदिक दवाओं के बारे में मीडिया में आई खबरों का संज्ञान लिया। कंपनी को दवाओं का विवरण प्रदान करने और इस तरह के दावों को प्रचारित करने से रोकने के लिए कहा है। पतंजलि की कोरोना से क्योर का दावा करने वाली दवा कोरोनिल को लेकर आईसीएमआर और आयुष मंत्रालय दोनों ने पल्ला झाड़ लिया है। आयुष मंत्रालय ने कहा है कि आईसीएमआर के अधिकारी ही इस बारे में सही जानकारी दे पाएंगे।

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क्या सच में रामदेव ने कोरोना की दवा बना ली है? जानिए कितनी कारगर है, कब कहां और कितने में मिलेगी?

भारत में कोरोना वायरस से संक्रमित लोगों की कुल संख्या 4 लाख 40 हजार के पार जा चुकी है। पिछले 24 घंटों में कोरोना वायरस के 14 हजार 933 नए मामले सामने आए और 312 लोगों की मौत हुईं है। स्वास्थ्य मंत्रालय के ताजा आंकड़ों के मुताबिक, देश में अबतक 4 लाख 40 हजार 215 लोग कोरोना से संक्रमित हो चुके हैं। इसमें से 14011 की मौत हो चुकी है, जबकि दो लाख 48 हजार 190 लोग ठीक भी हुए हैं।
 

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हां, बाबा रामदेव ने कोरोना की दवा खोज ली है। योग गुरू रामदेव ने आयुर्वेदिक दवा से कोरोना के इलाज का दावा किया है।
 

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दवा का नाम कोरोनिल है। यह एक टैबलेट है। रामदेव ने कोरोना की दवा के साथ दो और दवाएं लॉन्च की। यह पूरा एक किट है। इसमें कोरोनिल के अलावा श्वासारी वटी और अणु तेल भी हैं। रामदेव ने कहा कि तीनों को साथ इस्तेमाल करने से कोरोना का संक्रमण खत्म हो सकता है और महामारी से बचाव भी संभव है।
 

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रामदेव ने बताया, शरीर में ऑक्सीजन की कमी होने पर श्वसारि से फायदा होता है। यह दवा सर्दी, खांसी, जुकाम को एक साथ सही करती है। यह मुलेठी, शहद, अदरक और तुलसी जैसी 16 जड़ी-बूटियों से बनी है। अणुतेल नाक में डालना होता है। ये भी कोरोना से बचाव करता है।

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कोरोनिल में गिलोय, तुलसी और अश्वगंधा हैं जो इम्युनिटी बढ़ाते हैं। गिलोय में पाने जाने वाले टिनोस्पोराइड और अश्वगंधा में पाए जाने वाले एंटी बैक्टीरियल तत्व और श्वासरि के रस के प्रयोग से इस दवा का निर्माण हुआ है। यह दवा क्रोनिक बीमारियों से भी बचाव करती है। पतंजलि रिसर्च इंस्टीट्यूट और नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंस (निम्स) यूनिवर्सिटी, जयपुर ने मिलकर दवा को तैयार किया है। 

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रामदेव ने कहा, आज हम ये कहते हुए गौरव अनुभव कर रहे हैं कि कोरोना की पहली आयुर्वेदिक, क्लीनिकली कंट्रोलड, ट्रायल, एविडेंस और रिसर्च आधारित दवाई पतं​जलि रिसर्च सेंटर और NIMS के संयुक्त प्रयास से तैयार हो गई है। इस दवाई पर हमने दो ट्रायल किए हैं। 100 लोगों पर क्लीनिकल स्टडी की गई उसमें 95 लोगों ने हिस्सा लिया। 3 दिन में 69% मरीज ठीक हो गए। 7 दिन में 100% मरीज ठीक हो गए। 
 

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प्रेस कॉन्फ्रेंस में रामदेव बोले, इस दवाई को बनाने में सिर्फ देसी सामान का इस्तेमाल किया गया है, जिसमें मुलैठी काढ़ा सहित कई चीजों को डाला गया है। गिलोय, अश्वगंधा, तुलसी, श्वासरि का भी इस्तेमाल किया गया। दवा अगले सात दिनों में पतंजलि के स्टोर पर मिलेगी। 

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हां। रामदेव ने बताया, सोमवार को एक ऐप लॉन्च किया जाएगा जिसकी मदद से घर पर ये दवाई पहुंचाई जाएगी।
 

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दवा कोरोनिल की कीमत 400 रुपए है। इसके अलावा श्वासारि रस बट्टी की कीमत 120 और अणनासिक तेल की कीमत 25 रुपए है। एक महीने की दवा 545 रुपए में उपलब्ध होगी। 
 

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