नई दिल्ली. जम्मू-कश्मीर के कुपवाड़ा में तैनात सौरभ कटारा मंगलवार की रात हुए ब्लास्ट में शहीद हो गए। सौरभ की इसी साल 8 दिसंबर को शादी हुई थी। 16 दिसंबर को वह अपनी ड्यूटी पर लौट गए। इसी महीने सौरभ का जन्मदिन भी था। पत्नी उन्हें विश करना चाहती थी, लेकिन उससे पहले ही पति के शहादत की खबर मिल गई। राजस्थान में भरतपुर के रहने वाले 22 साल के सौरभ कटारा आर्मी की 28वीं राष्ट्रीय राइफल में तैनात थे।
16 नवंबर को ही सौरभ एक महीने की छुट्टी पर घर आया था। 23 नंबर को अपनी बहन की शादी कराने के बाद खुद 8 दिसंबर को दूल्हा बना था।
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बुधवार को जन्मदिन था: शहीद सौरभ कटारा को बुधवार को जन्मदिन था, लेकिन एक दिन पहले यानी मंगलवार को वह देश के लिए शहीद हो गए। पत्नी को जैसे ही यह खबर मिली वह बेहोश हो गई।
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अंतिम विदाई में उमड़ा जनसैलाब : सौरभ कटारा को अंतिम विदाई देने के लिए जनसैलाब उमड़ पड़ा। लोग भारत माता की जय। वंदे मातरम के नारे लगाते रहे। पत्नी पूनम भी शहीद पति को आखिरी विदाई देने के लिए जैसे तैसे श्मशान तक पहुंची।
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मां-पिता और भाई का रो-रोकर बुरा हाल : अंतिम विदाई के वक्त मां-पिता और भाई का रो-रोकर बुरा हाल था। पत्नी पूनम को तो कुछ समझ में नहीं आ रहा था। कुछ दिन पहले ही पति ने जल्दी आने की बात कही थी।
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सौरभ के पिता भी आर्मी में थे : शहीद सौरभ कटारा के पिता नरेश कटारा भी आर्मी में थे। 2002 में वह रिटायर हुए। उन्होंने 1999 में कारगिल युद्ध में भाग लिया था।
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राजस्थान में भरतपुर के रहने वाले 22 साल के सौरभ कटारा आर्मी की 28वीं राष्ट्रीय राइफल में तैनात थे।
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