दुश्मन से लड़ते हुए बेटा शहीद हो गया..यह सुन घर में मची चीख पुकार, फिर आया फोन, मां मैं जिंदा हूं

Published : Jun 17, 2020, 11:32 AM ISTUpdated : Jun 29, 2020, 06:43 PM IST

नई दिल्ली. पूर्वी लद्दाख सीमा पर भारत और चीनी सैनिकों के बीच हिंसक झड़प में भारत के 20 जवान शहीद हो गए। चीन के भी 43 से ज्यादा सैनिक हताहत हुए हैं। इस बीच छपरा में रहने वाले परिवार पर भी दुखों का पहाड़ टूट पड़ा, जब उन्होंने सुना कि बेटा सुनील राय भी झड़प में शहीद हो गया। लेकिन कुछ बाद खबर आई की सुनील राय पूरी तरह से ठीक है। सेना के अधिकारियों ने बताया कि गलतफहमी की वजह से गलत सूचना दे दी थी। उन्होंने खेद भी जताया। 

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दुश्मन से लड़ते हुए बेटा शहीद हो गया..यह सुन घर में मची चीख पुकार, फिर आया फोन, मां मैं जिंदा हूं


सुनील ने फोन के जरिए अपने परिवार से बात की। उन्होंने फोन पर कहा कि मैं पूरी तरह से ठीक हूं। घर वालों ने बताया कि चीन के साथ झड़प में पहले खबर आई कि दुश्मनों से लड़ते हुए सुनील शहीद हो गया। लेकिन बाद में सुनील ने खुद फोन किया और अपनी सलामती की खबर दी।  
 

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पूर्वी लद्दाख सीमा पर भारत और चीन के सैनिकों के बीच झपड़ में भारत के कर्नल रैंक के अधिकारी सहित 20 जवान शहीद हो गए। इस घटना पर विदेश मंत्रालय ने स्पष्ट कर दिया है कि चीन ने ऐसा क्यों किया? विदेश मंत्रालय ने बताया कि जहां एक तरफ बातचीत के जरिए विवाद सुलझाने की कोशिश हो रही है, वहां चीन ने ऐसी धोखेबाजी क्यों की? मंत्रालय ने साफ-साफ शब्दों में कह दिया कि 15 जून को देर शाम और रात को चीन की सेना ने वहां यथास्थिति बदलने की कोशिश की। यथास्थिति से मतलब है कि चीन ने एलएसी बदलने की कोशिश की। भारतीय सैनिकों ने रोका और इसी बीच झड़प हुई।

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विदेश मंत्रालय ने प्रवक्ता अनुराग श्रीवास्तव ने बताया, 6 जून को दोनों देशों के सीनियर कमांडरों के बीच सार्थक बातचीत हुई थी। बातचीत में सीमा विवाद को कम करने की प्रक्रिया पर सहमति बनी। लेकिन बाद में चीन अपने वादे से मुकर गया। उसने गलवान घाटी में एलएसी पर बातचीत के अनुसार काम नहीं किया।

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दोनों देशों की सेनाओं ने पीछे हटने पर हामी भरी थी। इस पूरी प्रक्रिया पर एक दूसरे पर दोनों देश अपनी नजर बनाए रखे थे। भारत की ओर से कमांडिंग ऑफिसर कर्नल संतोष बाबू अपने 10 साथियों के साथ पोस्ट खाली होने की प्रक्रिया पर नजर बनाए थे। चीन के करीब 20 सैनिकों को पीछे हटना था। लेकिन चीन के सैनिकों ने पीछे हटने से इनकार कर दिया। जब कमांडिंग ऑफिसर चीनी सेना के अफसर से बात कर रहे थे, उसी वक्त कुछ सैनिकों ने उन पर लोहे की रॉड से हमला कर दिया। इसके बाद दोनों देशों की सेनाओं के बीच झड़प शुरू हो गई।
 

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रिज टूटने की वजह से चीन के 40-50 सैनिक भी खाई में गिर गए। कुछ भारतीय जवान अभी भी लापता हैं। अभी यह पता नहीं लग पाया है कि भारतीय जवान नदी में गिरे या चीनियों के कब्जे में हैं। इतना ही नहीं बताया जा रहा है कि चीन का एक कमांडिंग अफसर भी नदी में गिर गया।
 

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चीन ने भारत पर ही उल्टा आरोप लगायालद्दाख में चीनी के साथ भारतीय सेना की झड़प के बाद भी चीन अपन हरकतों से बाज नहीं आ रहा है। वहां की सेना (पीपल्स लिबरेशन आर्मी) के वेस्टर्न थियेटर कमांड के प्रवक्ता ने उल्टे भारतीय सेना के जवानों पर ही सीमा पार कर हमला करने का आरोप लगाया है। ग्लोबल टाइम्स से बातचीत में यह आरोप लगाया गया।

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1- कर्नल संतोष बाबू : पूर्वी लद्दाख की गलवान घाटी में चीन के सैनिकों के साथ हुई हिंसक झड़प में भारत के तीन जवान शहीद हो गए। इसमें 16 बिहार रेजिमेंट के कमांडिंग ऑफिसर कर्नल संतोष बाबू भी थे। यह तेलंगाना के रहने वाले थे। सेना के सूत्रों ने पुष्टि करते हुए बताया कि कर्नल संतोष गलवान घाटी में पेट्रोलिंग प्वाइंट 14 के करीब हुई झड़प में शहीद हो गए।

2- शहीद कुंदन ओझा : झारखंड के रहने वाले शहीद कुंदन ओझा भी झपड़ में शहीद हो गए। वह 17 दिन पहले ही पिता बने थे। अभी तक बेटी का चेहरा भी नहीं देख पाए थे।

3- हवलदार पलानी : तीसरे शहीद का नाम हवलदार पलानी है। 

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