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South Block को अलविदा, अब ‘सेवा तीर्थ’ से चलेगी सरकार! जानिए वो 7 खासियतें जो इसे बनाती हैं खास
Central Vista Project: 78 साल बाद सत्ता का पता बदल गया। प्रधानमंत्री मोदी ने नए हाई-टेक ‘सेवा तीर्थ’ से सरकार चलाने की शुरुआत की। क्या यह सिर्फ नई इमारत है या प्रशासनिक सोच का सबसे बड़ा बदलाव? सुरक्षा और तकनीक चौंका देगी। जानिए इसकी 7 खासियतें…

PMO Shift To Seva Teerth: देश की सत्ता व्यवस्था में आज एक ऐतिहासिक बदलाव होने जा रहा है। आज़ादी के बाद पहली बार प्रधानमंत्री कार्यालय (PMO) अपने 78 साल पुराने ठिकाने साउथ ब्लॉक को छोड़कर एक नई जगह शिफ्ट हो रहा है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज सेंट्रल विस्टा प्रोजेक्ट के तहत बने नए प्रधानमंत्री कार्यालय ‘सेवा तीर्थ’ और कर्तव्य भवन-1 व 2 का उद्घाटन करेंगे। यह सिर्फ एक इमारत का उद्घाटन नहीं, बल्कि प्रशासन के काम करने के तरीके में बड़ा बदलाव माना जा रहा है। क्या इससे सरकार और जनता के बीच दूरी कम होगी? देखिएं इसकी 8 खास तस्वीरें…
साउथ ब्लॉक क्यों छोड़ा गया, क्या पुराना सिस्टम अब काम का नहीं था?
साउथ और नॉर्थ ब्लॉक करीब 78 साल तक देश की सत्ता के केंद्र रहे। लेकिन समय के साथ ये इमारतें पुरानी हो गईं। अलग-अलग मंत्रालय अलग जगहों पर होने से फैसलों में देरी, तालमेल की कमी और मेंटेनेंस का खर्च बढ़ता गया। सरकार का कहना है कि नई व्यवस्था इन सभी समस्याओं का समाधान करेगी।
सेवा तीर्थ क्या है और यहां क्या-क्या होगा?
सेवा तीर्थ करीब 2.26 लाख वर्ग फुट में फैला एक आधुनिक परिसर है, जिस पर करीब ₹1189 करोड़ की लागत आई है। यहां तीन मुख्य इमारतें हैं-
- सेवा तीर्थ-1: प्रधानमंत्री कार्यालय (PMO)
- सेवा तीर्थ-2: कैबिनेट सचिवालय
- सेवा तीर्थ-3: राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद सचिवालय और NSA कार्यालय
- पहले ये सभी दफ्तर अलग-अलग जगहों पर थे, अब एक ही परिसर में होंगे।
ओपन फ्लोर सिस्टम: क्या अब फैसले और तेज़ होंगे?
सेवा तीर्थ को ओपन फ्लोर कॉन्सेप्ट पर डिजाइन किया गया है। इसका उद्देश्य है औपचारिकताओं को कम करना, अधिकारियों के बीच संवाद बढ़ाना और पारदर्शिता लाना। सरकार का दावा है कि इससे निर्णय लेने की प्रक्रिया तेज़ और ज्यादा असरदार होगी।
सुरक्षा और तकनीक: क्या यह सबसे सुरक्षित PMO है?
सेवा तीर्थ को अत्याधुनिक एन्क्रिप्टेड कम्युनिकेशन सिस्टम, एडवांस साइबर सिक्योरिटी नेटवर्क और इंटीग्रेटेड सिक्योरिटी आर्किटेक्चर से लैस किया गया है। यह इमारत पूरी तरह भूकंप-रोधी है और इसमें स्मार्ट एक्सेस कंट्रोल व हाई-लेवल सर्विलांस सिस्टम लगाए गए हैं।
कर्तव्य भवन-1 और 2: मंत्रालय अब एक ही छत के नीचे
कर्तव्य भवन-1 और 2 में कानून, रक्षा, वित्त, स्वास्थ्य, कृषि समेत कई अहम मंत्रालयों के कार्यालय होंगे। यहां डिजिटल ऑफिस, पब्लिक इंटरैक्शन एरिया और सेंट्रलाइज्ड रिसेप्शन बनाए गए हैं, ताकि आम लोगों को भी सुविधा मिल सके।
सेवा तीर्थ और कर्तव्य भवन की 7 प्रमुख खासियतें
- एक ही परिसर में PMO, कैबिनेट और NSCS
- हाई-टेक एन्क्रिप्टेड कम्युनिकेशन सिस्टम
- एडवांस साइबर और फिजिकल सिक्योरिटी नेटवर्क
- ओपन-फ्लोर डिजाइन, कम औपचारिकता
- भूकंप-रोधी और आपदा-सुरक्षित संरचना
- ग्रीन बिल्डिंग-4-स्टार GRIHA मानक
- मंत्रालयों के बीच बेहतर तालमेल और तेज फैसले
पर्यावरण के लिए कितना अनुकूल है नया परिसर?
इन भवनों को 4-स्टार GRIHA रेटिंग के अनुसार डिजाइन किया गया है। इसमें रिन्यूएबल एनर्जी, वाटर कंजर्वेशन, वेस्ट मैनेजमेंट और एनर्जी-एफिशिएंट तकनीकों का इस्तेमाल किया गया है। PMO के अनुसार, यह बदलाव सिर्फ दफ्तर बदलने का नहीं, बल्कि आधुनिक, कुशल और जन-केंद्रित शासन की दिशा में एक बड़ा कदम है। सरकार का मानना है कि इससे प्रशासन ज्यादा तेज़, पारदर्शी और भविष्य के लिए तैयार होगा।
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