Published : Jan 13, 2020, 03:48 PM ISTUpdated : Jan 13, 2020, 04:07 PM IST
नई दिल्ली. सीएए के खिलाफ विरोध प्रदर्शनों के बीच गुजरात के ऊना पीड़ितों ने राष्ट्रपति से गुहार लगाई है कि उन्हें देश से बाहर कर दिया जाए, ताकि उन्हें भेदभाव न झेलना पड़े। 16 जुलाई 2016 को गुजरात के गिर सोमनाथ में ऊना में चार भाइयों को कथित तौर पर गौरक्षकों ने कपड़े उतरवाकर परेड कराई थी। फिर पीटा था। एक खास समुदाय के इन लोगों पर मरी हुई गाय से खाल निकालने का आरोप था।
जमीन घर और रोजगार के वादे का क्या? : चारों में से एक पीड़िता ने राष्ट्रपति को खत लिख कहा, उन्हें पीटने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई नहीं की गई। याचिका में दावा किया गया है कि उनसे खेती के लिए जमीन, घर के लिए प्लॉट और नौकरी देने का वादा किया गया था, लेकिन अभी तक ऐसा कुछ नहीं हुआ है।
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"अधिकारी ऐसे बर्ताव कर रहे हैं, जैसे हम इस देश के नहीं हैं" : चारों में से एक पीड़ित वाश्रम ने लिखा, अब अधिकारी ऐसे बर्ताव करते हैं, जैसे हम इस देश के नहीं हैं। अगर हमें नागरिक नहीं समझा जा सकता है तो हमारी नागरिकता रद्द कर दी जाए और हमें ऐसे देश भेज दीजिए जहां हमें पक्षपात नहीं झेलना पड़े।
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वाश्रम ने कहा, तत्कालीन मुख्यमंत्री आनंदीबेन पटेल ने हमसे जमीन और नौकरी देने का वादा किया था लेकिन किसी ने भी इस वादे को पूरा नहीं किया।
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अधिकारों की रक्षा नहीं तो चुनेंगे इच्छामृत्यु : उन्होंने लिखा, अगर राष्ट्रपति ने हमारे अधिकारों की रक्षा नहीं की तो हम इच्छामृत्यु चुनेंगे।
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