विकास दुबे ने दर्शन के लिए पर्ची पर सही नाम लिखवाया, जानिए उज्जैन महाकाल मंदिर में ही क्यों किया सरेंडर ?

Published : Jul 09, 2020, 01:09 PM ISTUpdated : Jul 10, 2020, 10:43 AM IST

नई दिल्ली. कानपुर के बिकरू गांव में 8 पुलिसवालों का हत्यारा विकास दुबे को उज्जैन से गिरफ्तार कर लिया गया। एमपी पुलिस ने उसकी गर्दन पकड़ दबोच लिया। फिर भी उसकी हेकड़ी कम नहीं हुई। वह चिल्लाते हुए कहने लगा, मैं विकास दुबे हूं, कानपुर वाला। इतना कहते ही वहां मौजूद पुलिसवालों ने उसे दो थप्पड़ जड़ा और गाड़ी में बैठा दिया। आपको क्रमवार बताते हैं कि आखिर कैसे विकास दुबे महाकाल मंदिर में गिरफ्तार हुआ?  

PREV
117
विकास दुबे ने दर्शन के लिए पर्ची पर सही नाम लिखवाया, जानिए उज्जैन महाकाल मंदिर में ही क्यों किया सरेंडर ?

पुलिस ट्रेनिंग सेंटर में विकास दुबे से पूछताछ की, जिसमें उसने बताया कि पुलिसवालों के शवों को जलाकर सबूत मिटाने की योजना थी। मैंने सभी साथियों को अलग-अलग भागने के लिए कहा। चौबेपुर के अलावा दूसरे थानों में भी मेरे मददगार थे। विकास ने पुलिस के लूटे हुए हथियारों के बारे में भी बताया। पुलिसकर्मियों के शव को जलाने के लिए तेल लाए थे। हमें खबर थी कि पुलिस सुबह आएगी। लेकिन पुलिस सुबह की बजाय रात में ही आ गई।

217

कानपुर में पुलिसवालों की हत्या के बाद विकास शहर में ही दो दिन तक रहा। फिर फरीदाबाद भाग गया। इसके बाद उज्जैन। ऐसे में बड़ा सवाल यह खड़ा होता है कि आखिर विकास दुबे ने दो राज्यों से होते हुए मध्य प्रदेश के उज्जैन में क्यों सरेंडर किया? 

317

पहले खबर आई कि विकास दुबे फरीदाबाद के एक होटल में है। फिर गुरुवार की सुबह वह उज्जैन पहुंचा। वहां महाकाल मंदिर में दर्शन के लिए गया। 

417

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, विकास दुबे को डर था कि कहीं यूपी पुलिस उसका एनकाउंटर ना कर दे, इसलिए वह भागकर उज्जैन आया। 

517

विकास दुबे ने नीली धारियों वाली टी शर्ट और मास्क लगाकर दर्शन के लिए वाआईपी पर्ची कटवाई। इसके लिए उसने 250 रुपए भी दिए।

617

विकास दुबे को पता था कि मंदिर में प्राइवेट सिक्योरिटी गार्ड के अलावा उज्जैन पुलिस भी तैनात है। फिर भी उसने पर्ची पर अपना सही नाम लिखवाया। इतना ही नहीं, उसने मोबाइल नंबर भी दिया। 

717

पर्ची कटवाने के बाद विकास दुबे प्रसाद की एक दुकान पर पहुंचा और कहा कि वह अपना बैग रखा।

817

प्रसाद की दुकान पर बैग रखने के बाद वह पर्ची दिखाकर महाकाल मंदिर के नई टनल वाले एक नंबर गेट से दाखिल हुआ। 

917

अंदर जाने के दौरान एक सिक्योरिटी गार्ड को शक हुआ। उसने पुलिस को सूचना दी। पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज देखे। 

1017

विकास पर्ची लेकर मंदिर के अंदर दर्शन करने पहुंचा। इधर दूसरी तरफ सिक्योरिटी गार्ड उसकी पहचान में लगा हुआ था। पुलिस उसकी लोकेशन देखकर मंदिर के अंदर दाखिल हुई और उसे हिरासत में ले लिया।

1117

जब पुलिस उसे बाहर लेकर आ रही थी तो उसने चिल्लाकर बोला-  मैं ही विकास दुबे हूं। कानपुर वाला। उज्जैन पुलिस ने विकास दुबे से करीब 2 घंटे तक पूछताछ की। पुलिस पूरी तरह से यह कन्फर्म कर लेना चाहती थी कि इतनी आसानी से गिरफ्त में आया आदमी विकास दुबे ही है।

1217

जब पुलिस को यकीन हो गया तो सुबह 10 बजे के करीब खबरें आईं कि विकास दुबे को उज्जैन से गिरफ्तार कर लिया गया है। 

1317

मध्य प्रदेश के गृहमंत्री नरोत्तम मिश्रा ने कहा कि 5 लाख के इनामी गैंगस्टर विकास दुबे की गिरफ्तारी हो गई है। अभी वह पुलिस की कस्टडी में है।  

1417

पुलिस ने बुधवार को ही विकास के करीबी अमर दुबे का भी एनकाउंटर कर दिया था। अमर हमीरपुर में छिपा था। अब तक विकास गैंग के 5 लोग एनकाउंटर में मारे जा चुके हैं। 

1517

विकास की तलाश में यूपी के अलावा दिल्ली, हरियाणा और राजस्थान पुलिस अलर्ट है। विकास मंगलवार को फरीदाबाद के एक होटल में देखा गया था, लेकिन पुलिस के पहुंचने से पहले ही फरार हो गया।

1617

विकास दुबे की मां ने कहा, वो(विकास दुबे) उज्जैन के महाकाल मंदिर में हर साल जाता था। सरकार जो उचित समझे वो करे, मेरे कहने से कुछ नहीं होगा।

1717

एडीजी उत्तर प्रदेश ने कहा, विकास दुबे को लाने के लिए यहां से विवेचक जाएंगे। जो नियम अनुसार कार्रवाई होगी वो की जाएगी। कानपुर मुठभेड़ के जो भी आरोपी फरार चल रहे हैं उनको पकड़ा जाएगा। हम तब तक चैन से नहीं बैठेंगे जब तक सभी अभियुक्तों को सज़ा न दिला दें।

National News (नेशनल न्यूज़) - Get latest India News (राष्ट्रीय समाचार) and breaking Hindi News headlines from India on Asianet News Hindi.

Recommended Stories