नई दिल्ली. कश्मीर और उत्तराखंड के पर्वतीय इलाकों में बर्फबारी के चलते कई राज्यों में शीतलहर का जबर्दस्त असर दिखाई दे रहा है। शीतलहर से सिर्फ इंसान नहीं, जानवर भी परेशान हैं। खासकर; जू में बंद जानवरों के लिए ठंड परेशानी खड़ी करती है। इसे लेकर देश के विभिन्न जू(Zoo) और नेशनल पार्क(national park) में वन्य जीवों(wild animals) को ठंड से बचाने हीटर और गर्म कपड़ों का इंतजाम किया गया है। ऐसा हर साल करना पड़ता है। क्योंकि ठंडी हवाओं से इंसान ही नहीं, जानवर भी बीमार पड़ जाते हैं। बता दें कि पश्चिम विक्षोभ(western disturbance) के एक्टिव हो जाने से मौसम का मूड बिगड़ने की संभावना है। यानी अगले 8 दिनों तक मौसम खराब रह सकता है। कहीं-कहीं बारिश भी हो सकती है। क्रिसमस तक कश्मीर घाटी और उत्तराखंड के पर्वतीय इलाकों में बर्फबारी होगी। इससे मैदानी राज्यों में शीतलहर चलती रहेगी। जम्मू-कश्मीर में सर्दियों का सबसे ठंडा 40 दिनों का दौर चिलेकलां 21 दिसंबर से शुरू हो गया है। देखिए कैसे ठंड से जानवरों को बचाया जा रहा है...
यह तस्वीर उत्तर प्रदेश के लखनऊ स्थित जू की है। इस समय उत्तर प्रदेश में शीतलहर का प्रकोप है। यहां वन्यजीवों को ठंड से बचाने हीटर लगाए गए हैं।
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लखनऊ स्थित जू के उप निदेशक उत्कर्ष शुक्ला ने ANI से कहा, "जैसे ही सर्दी शुरू होती है, हम जानवरों को अधिक पोषण युक्त भोजन देना शुरू करते हैं और ठंड के मौसम से निपटने के लिए उनके लिए व्यवस्था करते हैं।"
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यह तस्वीर असम के काज़ीरंगा राष्ट्रीय उद्यान (national park) के वन्यजीव पुनर्वास और संरक्षण केंद्र (CWRC) की है। यहां जानवरों को ठंड से बचाने के लिए ख़ास उपाय हो रहे हैं।
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कांजीरंगा नेशनल पार्क के CWRC के डॉ समसुल अली ने ANI को बताया,“हर जानवर के लिए ख़ास इंतज़ाम किए हैं। ठंड से बचाने जानवरों को गर्म कपड़े पहनाए जा रह हैं। हीटर का इंतजाम किया गया है।
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कांजीरंगा के वन्यजीव पुनर्वास और संरक्षण केंद्र((CWRC)) में हाथियों के बच्चों को ठंड के दौरान कंबल पहनाए जाते हैं।
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