Published : Feb 05, 2020, 01:05 PM ISTUpdated : Feb 05, 2020, 01:06 PM IST
नैनीताल, उत्तराखंड. यह किसी रोमाचंक खेल की तस्वीरें नहीं हैं। ये हवा में अटके रोपवे की डरावनी घटना है। मामला कुमाऊं मंडल विकास निगम(KMVN) के रोपवे से जुड़ा है। मंगलवार को तकनीकी खराबी आने से रोपवे बीच में रुक गया। दोनों ट्रॉलियों में उस वक्त 9 पर्यटक मौजूद थे। इनमें कुछ बच्चे भी। जैसे ही पर्यटकों को गड़बड़ी का अनुमान हुआ, उनकी सांसें ऊपर-नीचे होने लगीं। बच्चे रोने लगे। उधर, गड़बड़ी का पता चलते ही KMVN की टीम सक्रिय हुई। करीब आधे घंटे चले रेस्क्यू के बाद पर्यटकों को लटकाकर नीचे उतारा गया। बताते हैं कि यह रोपवे काफी पुराना हो चुका है। इसकी रिपेयरिंग की जरूरत महसूस होने लगी थी। खैर, अब इसे कुछ दिनों के लिए बंद करके रिपेयर किया जाएगा।
रोपवे के प्रभारी शिवम शर्मा ने बताया कि मंगलवार शाम करीब 4 बजे रोपवे का रेक्टीफायर शॉट होने से ट्रॉलियां रुक गई थीं।
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रेस्क्यू टीम के भगत सिंह, अमर साह, विपिन खुल्बे, राजेश आर्य, पंकज जोशी, गजेंद्र व चंदन आदि तुरंत सक्रिय हुए और सबको सकुशल नीचे उतारा।
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बताते हैं इस रोपवे का निर्माण 1985 में किया गया था। यानी इसकी मशीनरी काफी पुरानी हो चुकी है। इसे सुधारने का सुझाव दिया गया है।
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KMVN के जीएम अशोक जोशी ने बताया कि रोपवे को सुधारने के लिए गाजियाबाद की एक कंपनी को ऑर्डर दिया गया है। इस पर करीब 1.32 करोड़ रुपए खर्च होंगे। इसके लिए करीब 20 दिन रोपवे बंद किया जाएगा।
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16 मई 1985 को तत्कालीन मुख्यमंत्री एनडी तिवारी ने इस रोपवे का लोकार्पण किया था। सात सौ मीटर लंबाई के इस रोपवे की तब लागत 2 करोड़ आठ लाख आई थी।
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नैनीताल के इस रोपवे का बड़ी संख्या में पर्यटक इस्तेमाल करते हैं।
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