Published : Aug 17, 2019, 12:38 PM ISTUpdated : Aug 17, 2019, 07:00 PM IST
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी दो दिवसीय भूटान यात्रा पर हैें। बता दें कि, पीएम मोदी का यह दूसरा भूटान दौरा है। लेकिन कम ही लोग जानते हैं कि भूटान दुनिया में सबसे खतरनाक उड़ान के लिए जाना जाता है।
भूटान: बेहद खूबसूरत जगहों में शुमार है हमारा पड़ोसी देश भूटान। PM मोदी अपनी दो दिवसीय यात्रा पर इन दिनों भूटान में हैं। पर्यटन की दृष्टि से भूटान का अपना एक अलग महत्व है। यहां कुछ ऐसी जगहें भी हैं, जो दुनिया को अचरज में डाल देती हैं। भूटान का पारो इंटरनेशनल एयरपोर्ट ऐसी ही जगहों में से एक है। इसे दुनिया का सबसे खतरनाक एयरपोर्ट माना जाता है। आइए जानते हैं, ऐसा क्यों कहते हैं..
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पारो हवाई अड्डे पर उड़ान भरना एक चुनौती है। इसका मुख्य कारण हवाई अड्डे को घेरने वाले कठिन इलाके है। पहाड़ों की ऊंचाई 18,000 फीट तक होती है। हवाई अड्डा 7,364 फीट की ऊंचाई पर स्थित है। तकनीकी रूप से यह हवाई जहाज के प्रदर्शन को प्रभावित करता है।
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एक अन्य कारण जो पारो हवाई अड्डे में उड़ान को चुनौतीपूर्ण बनाता है वह है रनवे की लंबाई। यह केवल 7,431 फीट लंबा है, और पायलट को लैंडिंग के वक्त बहुत ही सतर्क रहना पड़ता है। है।
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पायलट पूरे भरोसे के साथ मैन्युअल रूप से उड़ान नहीं भर सकते हैं। अन्य हवाई अड्डों में एक तकनीक है जिसे इंस्ट्रूमेंट लैंडिंग सिस्टम कहा जाता है। यह लैंडिंग के लिए विमान का मार्गदर्शन करता है। लेकिन पारो में, विमान हमेशा मैन्युअल रूप से उड़ाया जाता है।
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इस हवाई अड्डे में सभी उड़ानें केवल मौसम संबंधी स्थितियों तक सीमित हैं। इसका मतलब यह है कि अन्य विमानों और आसपास के इलाकों की पर्याप्त दृश्यता होनी चाहिए। भूटान की उड़ानें इस प्रकार दिन के उजाले तक ही सीमित रहती हैं, इसलिए रात की उड़ान यहां पर संभव नहीं है। पहले अंतरराष्ट्रीय पायलट बहुत कम हुआ करते थे, लेकिन अब भूटान में विमान क्षेत्र तेजी से विकसित हो रहा है।
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