Published : May 05, 2020, 11:53 AM ISTUpdated : May 05, 2020, 06:37 PM IST
पंचकूला (पंजाब/हरियाणा). जम्मू-कश्मीर के हंदवाड़ा में आतंकियों से लोहा लेते हुए रविवार के दिन वीरगति को प्राप्त हुए शहीद मेजर अनुज सूद का पार्थिक देह मंगलवार सुबह उनके घर पहुंचा। सेना के अधिकारियों ने शहीद के पार्थिक शरीर को गाड़ी से जैसी ही नीचे उतारा तो ताबूत को देखती ही पत्नी दौड़ कर पार्थिक शरीर के पास गई। वह ताबूत में तिरंगे से लिपटा पति का शव देखर पत्नी आकृति फूट-फूट कर रो पड़ी। कभी वह एकटक पति को देखती तो कभी फूट-फूट कर रो पड़ती। वह अपनी सारी सुध-बुध खो बैठी, वो बस गुमसुम थी, किसी से कुछ नहीं कह रही थी।
बेटे का चेहरा देखने के लिए मां भी ताबूत के पास बैठ गई। उनके साथ शहीद की बहन हर्षिता भी भाई के शव को देख रोती रही। सभी घरवालों को बिलखता देख शहीद के भाई हिम्मत जुटाकर उनके पास पहुंचा और भाभी, मां और बहन को संभाला। इसके अलावा कैप्टन के पिता रिटायर्ड ब्रिगेडियर सीके सूद घर आने वाले सभी लोगों से नम आंखों से मिल रहे थे।
28
शहीद के घर का यह दृश्य बहुत ही मार्मिक था और हर किसी की आंखें नम थीं। लेकिन हर कोई देश के लिए वीरगति को प्राप्त हुए शहीद को सैल्यूट करता नजर आया।
38
शहीद के शव को निहारती उनकी पत्नी आकृति सूद और पास में शहीद की मां रोते हुए।
48
शहीद मेजर सूद की पत्नी आकृति पति के शव को निहारती हुई। शव के पास सूद की मां भी बैठ कर रोती रही, इस दौरान उसने किसी से कोई बात नहीं की।
58
हंदवाड़ा एनकाउंटर में शहीद मेजर अनुज का पार्थिव देह को मंगलवार सुबह आर्मी हॉस्पिटल से अंतिम दर्शन के लिए उनके घर लाया गया, चंडीगढ़ में सैन्य सम्मान के साथ उनका अंतिम संस्कार किया गया।
68
मेजर अनुज सूद की प्रारंभिक पढ़ाई आर्मी पब्लिक स्कूल लखनऊ में हुई। अनुज का चयन आईआईटी में हो गया था लेकिन वह पिता की तरह देश की सेवा करना चाहते थे। 12 वीं की परीक्षा पास करते ही उन्होंने एनडीए परीक्षा पास की थी।
78
मेजर अनुज की शादी 2017 में हिमाचल प्रदेश के कांगड़ा की रहने वाली आकृति के साथ हुई थी। आकृति पुणे की एक प्राइवेट कंपनी में काम करती है। आकृति लॉकडाउन से पहले पंचकुला से अपने मायके कांगड़ा गई थी।
88
मेजर अनुज हंदवाड़ा में 21 राष्ट्रीय रायफल में तैनात थे। उनकी मां सुमन सूद यमुनानगर के एक सरकारी स्कूल में प्रिंसिपल हैं। उनकी बड़ी बहन ऑस्ट्रेलिया में रहती हैं और छोटी बहन भी आर्मी मे ही हैं। वहीं उनके पिता सीके सूद भी आर्मी ही थे वो रिटा. ब्रिगेडियर रह चुके हैं।
पंजाब की राजनीति, किसान मुद्दे, रोजगार, सुरक्षा व्यवस्था और धार्मिक-सामाजिक खबरें पढ़ें। चंडीगढ़, अमृतसर, लुधियाना और ग्रामीण क्षेत्रों की विशेष रिपोर्ट्स के लिए Punjab News in Hindi सेक्शन देखें — ताज़ा और प्रामाणिक खबरें Asianet News Hindi पर।