Published : Mar 24, 2021, 12:07 PM ISTUpdated : Mar 24, 2021, 12:09 PM IST
हटके डेस्क: 24 मार्च को दुनियाभर में विश्व ट्यूबरक्युलोसिस डे के तौर पर मनाया जाता है। ट्यूबरक्युलोसिस को आम भाषा में टीबी कहा जाता है। इस बीमारी ने कभी दुनिया में भारी तबाही मचाई थी। 2021 में जब दुनिया कोरोना महामारी से जंग लड़ रही है, उस दौरान आए टीबी डे ने लोगों का ध्यान खींचा। अब भले ही टीबी पहले जैसी तबाही नहीं मचाता लेकिन आज भी कई गरीब देशों में इस बीमारी ने हाहाकार मचाया हुआ है। 2022 तक दुनिया को टीबी से मुक्त करवाने का लक्ष्य रखा गया है। वर्ल्ड हेल्थ ऑर्गनाइजेशन की रिपोर्ट के मुताबिक़, 2019 में 1 करोड़ लोग टीबी के शिकार हुए थे। इनमें 14 लाख की जान इस बीमारी ने ले ली थी। बिना लोगों की नजरों में आए ये बीमारी धीरे-धीरे अपना शिकार निगल रही है। ये बीमारी काफी खतरनाक होती है। फोटोग्राफर जेम्स नाच्त्वेय ने इस बीमारी को कैमरे में कैद किया था। उन्होंने स्ट्रगल टू लिव नाम की एक डॉक्यूमेंट्री बनाई। इसमें मरीजों की हालत देख आप भी हैरान रह जाएंगे। मरीज की जान चूस जाता है टीबी...
टीबी के शिकार बेटे को गोद में पकड़ी मां की ऐसी इमोशनल तस्वीर किसी की भी रूह कंपा देगी।
210
भाई-बहन दोनों ही टीबी का शिकार हो गए। अस्पताल में इलाज के दौरान दोनों इस तरह तस्वीर में कैद हुए।
310
मरीज को हड्डी के ढांचे में बदल देता है टीबी। अस्पताल में टीबी के मरीज को कुछ इस हाल में कैद किया गया।
410
टीबी में मरीज की हालत बेहद खौफनाक हो जाती है। कुछ सालों पहले इसके शिकार हुए मरीज की जान बचने की कोई संभावना नहीं रहती थी। वर्ल्ड हेल्थ ओर्गनइजेशन की रिपोर्ट के मुताबिक, हर दिन आज भी दुनिया में 4 हजार मौतें टीबी से होती है।
510
साल 2021 में टीबी दिवस का थीम रखा गया है- The clock is ticking यानी समय खत्म होने को है। दरअसल,2022 तक विश्व को टीबी से मुक्त करने लक्ष्य रखा गया है।
610
लोगों का ध्यान इस समय कोरोना पर है लेकिन टीबी भी अपने शिकार को मौत के मुंह में डालती जा रही है।
710
पहले अगर कोई टीबी का शिकार हो जाता था तो उसका अंजाम सीधे मौत ही था। वैक्सीन बनने के बाद इसका प्रकोप कम हुआ।
810
24 मार्च को टीबी दिवस मनाने की ख़ास वजह है। दरअसल, 24 मार्च को ही जर्मन फिजिशियन रोबर्ट कॉच ने इसके बैक्टेरिया Mycobacterium Tuberculosis का पता लगाया था। इसके लिए उन्हें नोबल पुरस्कार भी दिया गया।
910
इस बैक्टेरिया का पता चलने के बाद ही इसके वैक्सीन को बनाया जा पाया। ये बीमारी सबसे पहले फेंफड़ों को अपने चपेट में लेती है। हालांकि, कई अन्य अंगों पर भी इसका असर होता है।
1010
फोटोग्राफर द्वारा खींची गई ये तस्वीरें दिल दहलाने वाली है। इसमें मरीज की हालत इतनी दर्दनाक हो जाती है कि वो मौत ही मांगने लगता है।
वायरल न्यूज(Viral News Updates): Read latest trending news in India and across the world. Get updated with Viral news in Hindi at Asianet Hindi News