Published : Aug 07, 2021, 11:34 AM ISTUpdated : Aug 07, 2021, 12:21 PM IST
उज्जैन. धर्म ग्रंथों के अनुसार, सावन (Sawan) मास की अमावस्या (Amavasya) बहुत ही खास होती है। इसे हरियाली अमावस्या (Hariyali Amavasya) कहते हैं। इस बार ये तिथि 8 अगस्त, रविवार को आ रही है। साथ ही इस दिन सर्वार्थ सिद्धि और पुष्य नक्षत्र (Pushya Nakshatra) का शुभ संयोग भी बन रहा है। इन शुभ योगों की वजह से ये दिन और अधिक खास बन गया है। इस दिन कुछ खास काम करने चाहिए, जिससे पितरों की कृपा हम पर बनी रहती है।
उज्जैन के ज्योतिषाचार्य पं. मनीष शर्मा के अनुसार हरियाली अमावस्या (Hariyali Amavasya) पर किसी पवित्र नदी में स्नान करने की परंपरा है। अमावस्या पर नदी में स्नान नहीं कर पा रहे हैं तो अपने घर पर ही सभी पवित्र नदियों का ध्यान करें। पानी में गंगाजल मिलाकर स्नान करें। ऐसा करने से भी घर पर ही तीर्थ स्नान का फल मिल सकता है।
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स्नान आदि करने के बाद अपने क्षेत्र के किसी भी मंदिर में जाकर शिवजी की पूजा करें। इस दौरान बारह ज्योतिर्लिंग (Jyotirling) का ध्यान करना चाहिए। भगवान को बिल्व पत्र और जल जरूर चढ़ाएं। शिवलिंग (Shivling) पर पंचामृत अर्पित करें। पंचामृत दूध, दही, घी, शहद और मिश्री मिलाकर बनाना चाहिए। साथ ही देवी पार्वती की भी पूजा करें। माता को सुहाग का सामान चढ़ाएं। पूजा में ऊँ उमामहेश्वराय नम: मंत्र का जाप करें।
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हरियाली अमावस्या (Hariyali Amavasya) पर जरूरतमंद लोगों को अपनी शक्ति के अनुसार धन और अनाज का दान करें। किसी गौशाला में हरी घास और धन का दान करें। किसी मंदिर में पूजन सामग्री भेंट करें। तालाब में मछलियों के लिए आटा की गोलियां डालें। ब्राह्मणों को यथाशक्ति अनाज, धन, वस्त्र आदि भेंट करें। इससे पितरों को शांति मिलती है।
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हरियाली अमावस्या (Hariyali Amavasya) पर कम से कम एक पौधा जरूर लगाएं और उसकी देख-भाल करते रहें। जैसे-जैसे पौधा बड़ा होगा, वैसे-वैसे आपको सकारात्मक फल मिलने लगेंगे।
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