उज्जैन. इस बार 20 जुलाई, सोमवार को श्रावण मास की अमावस्या है। अमावस्या सोमवार को होने से इस दिन सोमवती अमावस्या का पर्व भी मनाया जाएगा। उज्जैन के ज्योतिषाचार्य पं. प्रफुल्ल भट्ट के अनुसार, सावन में सोमवती अमावस्या का योग 20 साल बाद बन रहा है। इस दिन 9 में से 5 ग्रह अपनी-अपनी राशि में रहेंगे। बुध मिथुन में, गुरु धनु में, शुक्र वृषभ और शनि मकर राशि में रहेगा। ये भी एक दुर्लभ योग है। पं. भट्ट के अनुसार इस दिन कुछ विशेष उपाय करने से पितृ दोष का अशुभ प्रभाव कम हो सकता है। ये उपाय इस प्रकार हैं-
1. पीपल में पितरों का वास माना गया है। अमावस्या पर पीपल पर जल चढ़ाएं और गाय के शुद्ध घी का दीपक लगाएं।
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2. इस अमावस्या पर किसी ब्राह्मण को भोजन के लिए घर बुलाएं या भोजन सामग्री जिसमें आटा, दाल, फल, गुड़, घी आदि हो दान करें।
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3. गाय के गोबर से बने कंडे को जलाकर उस पर घी-गुड़ की धूप दें और पितृ देवताभ्यो अर्पणमस्तु बोलें।
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4. कच्चा दूध, जौ, तिल व चावल मिलाकर नदी में प्रवाहित करें। ये उपाय सूर्योदय के समय करें तो अच्छा रहेगा।
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5. किसी पवित्र नदी में काले तिल डालकर तर्पण करें। इससे भी पितृगण प्रसन्न होते हैं।
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6. अमावस्या पर चावल के आटे से 5 पिंड बनाएं और इसे लाल कपड़े में लपेटकर नदी में प्रवाहित कर दें।
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7. अमावस्या पर अपने पितरों को याद कर गाय को हरा चारा खिलाएं। इससे भी पितृ प्रसन्न व तृप्त हो जाते हैं।
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