Published : Jun 04, 2021, 09:46 AM ISTUpdated : Jun 04, 2021, 11:28 AM IST
उज्जैन. भवन निर्माण के दौरान कई प्रकार के वास्तु दोष रह जाते हैं। इन्हें दूर करने के लिए भवन में ऊं, स्वास्तिक, फेंगशुई आदि शुभ-चिह्नों का उपयोग वास्तु-दोष में काफी हद तक राहत प्रदान करता है, लेकिन क्या आप जानते है कि आपके घर के किस कोने में वास्तु दोष का असर है और आप पर उसका क्या असर पड़ रहा है। रोग से जानिए मकान के किस स्थान में वास्तु-दोष है...
सर्दी-जुकाम
यदि मकान के ब्रहमस्थल में दोष है और आप अक्सर इसमें अपना समय गुजारते है तो आप सर्दी-जुकाम से पीड़ित रहेंगे।
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डायबिटीज
यदि भवन के अग्नि कोण और ईशान कोण में दोष है तो आपको डायबिटीज होने की ज्यादा सम्भावना है। यदि परिवार में किसी को डायबिटीज पहले से है तो फिर डायबिटीज को नियन्त्रण में लाना मुश्किल रहेगा। इसलिए मकान के अग्नि कोण व ईशान कोण का दोष पहले समाप्त करें।
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हाई ब्लड प्रेशर
अगर आपके भवन के उत्तर-पश्चिम या दक्षिण-पश्चिम क्षेत्र में किसी प्रकार का वास्तुदोष है तो घर में रहने वाले लोग हीन भावना से ग्रस्त रहेंगे।
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डिप्रेशन
यदि आपके घर में वायव्य व नैऋृत्य कोण में कोई दोष है तो आपके बच्चें, महिलायें व घर में रहने वाले सदस्य अक्सर डिप्रेशन से ग्रस्त रहेंगे।
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रोग
यदि आपके भवन पर किसी वृक्ष, मन्दिर आदि की छाया पड़ रही है तो उस घर में रहने वाले सदस्य आये दिन रोग के शिकार बने रहेंगे।
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आयु क्षय
यदि नैऋृत्य कोण में कुआ है तो उस घर में रहने वाले लोगों की आयु क्षय होती है।
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