यह है मौलाना मुहम्मद साद का 24 बीघे का फार्म हाउस, मौजूद हैं मौज-मस्ती की सभी सुविधाएं

Published : Apr 05, 2020, 07:04 PM ISTUpdated : Apr 09, 2020, 05:49 PM IST

शामली (Uttar Pradesh) । देश में लॉकडाउन के दौरान दिल्ली के निजामुद्दीन मरकज में कोरोना वायरस का संक्रमण फैल गया। दिल्ली में तब्लीगी मरकज से देश में कोरोना संक्रमण का संकट खड़ा करने वाले मौलाना मुहम्मद साद की गद्दी खतरे में पड़ गई है। एक तरफ जहां क्राइम ब्रांच कानूनी शिकंजा कस रही है, वहीं उसके विरोधी मरकज की गद्दी पर काबिज होने की कोशिश में जुट गए हैं। बता दें कि जमात का अमीर (मुखिया) मौलाना साद मूलरूप से शामली के कांधला कस्बे का निवासी है। आजादी से पहले ही साद का परिवार दिल्ली में रहने लगा था। कांधला में उनकी पुश्तैनी जमीन व संपत्ति है। उसके पास 24 बीघे का फार्म हाउस है। 

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यह है मौलाना मुहम्मद साद का 24 बीघे का फार्म हाउस, मौजूद हैं मौज-मस्ती की सभी सुविधाएं
तब्लीगी जमात के अमीर मौलाना साद कांधला के मूल निवासी हैं। इनके पूर्वज आजादी से पहले कांधला छोड़कर दिल्ली में बस गए थे, मौलाना साद के रिश्तेदार यहां रहते हैं। उनके दो बेटों की भी कांधला में ससुराल है।
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मौलाना साद का शामली के कांधला के गांव मलकपुर-जिडाना की छोटी नहर के पास 24 बीघे का फार्म हाउस है। यह संपत्ति उन्हीं के नाम है। फार्म हाउस के लगभग तीन सौ गज के हिस्से को आवासीय रूप दिया गया है। इसमें आधा दर्जन से ज्यादा कमरे, लॉबी व बरामदें हैं।
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फार्म हाउस में एक स्वीमिंग पूल भी है। यहां फिलहाल आधा दर्जन से ज्यादा लग्जरी गाड़ियां मौजूद हैं। फार्म हाउस की बाकी जमीन पर लॉन व सड़कें हैं। प्रवेश करने के लिए दो गेट हैं। सुरक्षा के लिहाज से बाउंड्री को बिजली के तारों से कवर किया गया है।
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फार्म हाउस के कमरों को सजाया-संवारा गया है। यहां मौज-मस्ती की सभी सुविधाएं मौजूद हैं। यहां मौलाना साद के करीबियों का आना-जाना रहता है। लेकिन, मरकज में कोरोना को लेकर उपजे विवाद के बाद फार्म हाउस में बाहरी लोगों की आमद बंद कर अंदर से ताला लगाया गया है।
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बाउंड्री पर लगे तारों में अब बिजली आपूर्ति शुरू कर पालतू कुत्तों को भी सुरक्षा के लिए छोड़ दिया गया है। वहीं, दिल्ली क्राइम ब्रांच मौलाना साद की ससुराल सहारनपुर में भी गुपचुप तरीके से डेरा डालकर जानकारी जुटा रही है। हालांकि सहारनपुर पुलिस का इस संबंध में कहना है कि दिल्ली क्राइम ब्रांच की सहारनपुर में मौजूदगी की उन्हें कोई जानकारी नहीं है।
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हर माह करोड़ों रुपये की फंड होने की वजह से तब्लीगी जमात के प्रमुख की गद्दी पर देशभर के मौलानाओं की नजर है। अब कानून का शिकंजा कसता दिखा मरकज के सभी मौलाना भूमिगत हो गए। मौका देख साद विरोधी गुट के मौलानाओं ने शुक्रवार रात मरकज की मस्जिद में नमाज पढ़ ली।
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वर्ष 2000 में मरकज के तत्कालीन प्रमुख की मृत्यु हो गई थी। इसके बाद गद्दी पर काबिज होने के लिए मौलानाओं के दो गुटों के बीच जमकर पत्थरबाजी और मारपीट हुई थी। इस हिंसा के बीच मुहम्मद साद मरकज की गद्दी पर काबिज होने में सफल रहा था।
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तब्लीगी जमात के अमीर मौलाना साद के कांधला स्थित फार्म हाउस पर दिल्ली पुलिस ने नोटिस चस्पा किया है। इसमें 26 सवालों के तत्काल जवाब मांगे गए हैं।
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दूसरी ओर कांधला पुलिस ने दिल्ली पुलिस की आमद व नोटिस चस्पा करने की जानकारी से सिरे से इनकार किया है। मौलाना साद के फार्म हाउस पर मौजूद लोगों ने भी दिल्ली पुलिस के आने और नोटिस मिलने से इनकार किया।

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