Agra: पुलिस कस्टडी में मारे गए अरुण के परिवार से मिलीं प्रियंका, बोलीं- UP में गरीबों को न्याय नहीं

Published : Oct 21, 2021, 08:16 AM IST

आगरा। उत्तर प्रदेश के आगरा में सफाई कर्मचारी अरुण नरवार (Arun Valmiki) की मौत के बाद प्रदेश में राजनीति गरम है। बुधवार देर रात करीब 11 बजे कांग्रेस नेता प्रियंका गांधी वाड्रा (Priyanka Gandhi Vadra) ने आगरा में अरुण के घर में बंद कमरे में उनकी पत्नी और मां से मुलाकात की और उन्हें ढांढस बंधाया। प्रियंका ने परिवार को हरसंभव मदद का भरोसा दिया। बता दें कि 4 दिन पहले यहां थाना जगदीशपुरा के मालाखाना में 25 लाख रुपए चोरी हो गए थे। चोरी का शक सफाई कर्मचारी अरुण पर था। पुलिस ने उसे हिरासत में लिया। मंगलवार रात उसकी मौत हो गई। आईए जानते हैं और क्या बोला प्रियंका ने...

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Agra: पुलिस कस्टडी में मारे गए अरुण के परिवार से मिलीं प्रियंका, बोलीं- UP में गरीबों को न्याय नहीं

पहले लखनऊ में रोका, फिर अनुमति मिली
इससे पहले प्रियंका को आगरा जाते वक्त लखनऊ में पुलिस ने हिरासत में ले लिया था। हालांकि, कुछ घंटों बाद पुलिस ने उन्हें आगरा जाने की इजाजत दे दी थी। प्रियंका के साथ यूपी कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष अजय कुमार लल्लू, आचार्य प्रमोद कृष्णम और एमएलसी दीपक सिंह को भी आगरा जाने की अनुमति मिली थी।

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प्रियंका ने आगरा के पीड़ित परिवार से मुलाकात के बाद आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि पत्नी के सामने अरुण को पीटा गया। अरुण की अपने भाइयों से दो बजे मुलाकात हुई थी, उस वक्त तक वो ठीक थे, लेकिन 2:30 बजे बताया गया कि उनकी मौत हो गई।

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पुलिस ने अरुण के घर में तोड़फोड़ की...
प्रियंका का कहना था कि पोस्टमॉर्टम में परिवार का एक भी सदस्य मौजूद नहीं था। रिपोर्ट भी नहीं दी गई है। उनके भाई को एक तहरीर दिखाई गई। उन्हें पढ़ना नहीं आता, उनसे साइन करवाए गए। उन्हें ये भी नहीं मालूम कि उसमें क्या लिखा था। रिपोर्ट भी नहीं दी गई है। अरुण के घर में तोड़फोड़ हुई है। उनके पलंग तोड़े गए हैं और कपड़े फेंके गए। सारा सामान निकला पड़ा है। अरुण के भाई ने बेटी के शादी के लिए अलमारी में जो रखा था, वो भी लेकर चले गए हैं।

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यूपी में न्याय की कोई जगह नहींः प्रियंका
प्रियंका ने आगे कहा- ये किस तरह का देश बना रहे हैं हम? क्या किसी के लिए न्याय नहीं है? न्याय सिर्फ मंत्रियों के लिए है, जिनके बेटे अपराध करते हैं, वो कुछ भी कर सकते हैं। यहां गरीब परिवार के साथ अत्याचार हो रहा  है और हम सब चुप रहें। सरकार चुप क्यों है? प्रियंका ने बताया कि उन्होंने (पीड़ित परिवार) मुझसे कहा कि हमें 10 लाख पकड़ाकर ये सोचते हैं कि हम चुप हो जाएंगे। हमें न्याय चाहिए। मैं जानना चाहती हूं कि इस देश में न्याय की उम्मीद नहीं है, किसान परिवार, गरीब परिवार, महिला के लिए न्याय की उम्मीद नहीं है तो क्या है? क्या दिया है- मोदी-योगी की सरकार ने?

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यकीन नहीं हो रहा है आजाद भारत में ऐसा हो सकता है
प्रियंका ने कहा कि यहां कोई लॉ एंड ऑर्डर, नियम नहीं रहा, जो पुलिसकर्मी यहां पर खड़े हुए हैं हमारी सुरक्षा के लिए, इनका काम क्या है, अगर देशवासियों की सुरक्षा नहीं हो सकती। जो मैंने आज देखा है, मैंने सुना है, मैं यकीन ही नहीं कर सकती कि आजाद भारत में इस तरह से किसी के साथ हो रहा है और एक पूरे समाज को प्रताड़ित किया जा रहा है। प्रियंका ने कहा कि मैं दो साल से यूपी में काम कर रही हूं और यहां मैंने यही देखा कि गरीब, किसानों, दलितों, महिलाओं के लिए न्याय की कोई जगह नहीं है। प्रियंका ने पीड़ित परिवार को मुआवजा दिलाने का वादा किया और कहा कि वो अशोक गहलोत से मुआवजे की बात करेंगी, क्योंकि पीड़ित परिवार का नाता भरतपुर (राजस्थान) से भी था। उन्होंने कहा कि यूपी की कानून व्यवस्था हाथ से बाहर और भयावह स्थिति है।

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यह है पूरा मामला?
अरुण वाल्मीकि पर 25 लाख रुपये चोरी करने का आरोप था। आगरा के एसएसपी मुनिराज ने बताया कि मंगलवार रात अरुण की अचानक तबीयत बिगड़ी तो उन्हें अस्पताल लेकर गए, जहां डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया। पुलिस के मुताबिक, अरुण आगरा के जगदीशपुरा थाने के मालखाना में सफाई का काम करता था। आरोप है कि शनिवार रात (17 अक्टूबर) उसने कथित तौर पर पैसे चोरी कर लिए थे। पुलिस का कहना था कि जांच में अरुण का नाम सामने आया। वह लोहामंडी स्थित पुल छिंगामोदी, वाल्मीकि बस्ती के रहने वाला था। घटना के बाद से फरार था।

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पुलिस ने मंगलवार दोपहर हिरासत में लिया। उसे थाने लाकर पूछताछ की जा रही थी। पुलिस का दावा है कि अरुण ने घटना को अंजाम देना स्वीकार किया था। उसके कब्जे से 15 लाख रुपए भी बरामद हुए थे। एसएसपी ने बताया कि एक इंस्पेक्टर, एक सब इंस्पेक्टर और तीन सिपाहियों को सस्पेंड कर दिया गया है। केस भी दर्ज किया है और पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट आने के बाद दोषियों पर कार्रवाई की जाएगी।
 

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