हटके डेस्क : अक्सर हम शराब की दुकान पर लंबी-लंबी कतारें देखते है। सुबह से ही कई लोग यहां पहुंच जाते हैं। हालांकि कोरोना के चलते शराब की बिक्री और उसकी दुकानों को बंद कर दिया था पर कुछ नए नियम के साथ शराब की दुकानें और बार खुल गए है। इस बीच नए साल के जश्न को लेकर कोरोना की नई गाइडलाइन ने शराब संचालकों की मुश्किल बढ़ा दी है। ऐसे में यूके के 2 शराब मालिकों ने इस पूजा स्थल का दर्जा दिए जाने की मांग की है। आइए आपको बताते हैं कि आखिर किस वजह से उन्होंने ये अजीब मांग सरकार से की है।
कोरोना महामारी के चलते हुए नुकसान को देखते हुए शराब की दुकानें तो खोल दी गई है, लेकिन कई देश ऐसे भी है जहां शराब की दुकानें या तो बंद है, या फिर वहां बैठ कर शराब पीने की अनुमति नहीं है। ऐसे ही कुछ नियम युनाइटेड किंगडम में भी है।
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दरअसल, यूके में लॉकडाउन के चलते टियर 3 में आने वाले बार और पब में सिर्फ टेक अवे यानी की शराब ले जाने की परमिशन है। लेकिन लोग यहां बैठकर ड्रिंक नहीं कर सकते है।
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ऐसे में न्यू ईयर और क्रिसमस जैसे त्योहार में पार्टीज का मज़ा किरकिरा हो सकता है, क्योंकि पब और बार को खोलने की परमिशन नहीं दी गई है।
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इसके उलट लॉकडाउन की गाइडलाइन के मुताबिक चर्च और दूसरे धार्मिक स्थल पूरा समय खुले रहे हैं। ऐसे में वहां के दो बार New Baron of Hinckley और Mezal Cocktail Bar ने खुद को पूजा स्थल के रूप में रजिस्टर करने के लिए अप्लाई किया है।
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जी हां, ये सुनने में जरूर अजीब लग सकता है, कि मैखाने को पूजा स्थल बनाने की मांग की जा रही है। लेकिन ये सच है। उन्होंने ऐसा इसलिए किया है, ताकि वो छुट्टियों के सीजन में अपना पब और बार खोल सके और यहां लोग पार्टीज कर सकें।
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बार के मालिकों का कहना हैं कि कोरोना के चलते वैसे ही उनका बिजनेस लॉस में चल रहा है। ऐसे में फेस्टिव सीजन में अपने बार और पब बंद रखने से घाटा और बढ़ सकता है।
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दोनों ने कहा कि जब चर्च खुल सकते हैं तो बार क्यों नहीं। इतना ही नहीं उन्होंने गवर्नमेंट गाइडलाइन्स को दोगली बताया है। सोशल मीडिया पर भी ये मामला जमकर सुर्खियां बटोर रहा है।
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