देहरादून, उत्तराखंड. कोई भी चीज कबाड़ नहीं होती! हर चीज का अगर सही तरीके से उपयोग किया जाए, तो वो कमाल का आविष्कार साबित होती है। यह मोटरसाइकिल ऐसे ही कबाड़ की जुगाड़ से बनी है। कचरे से कैसे खूबसूरत चीजें बनाई जा सकती हैं, अगर देखना है, तो देहरादून के आईटीडीए के ई-वेस्ट स्टूडियो को देखने आइए। यहां प्लास्टिक की बोतलों और अन्य कचरा चीजों से स्टूडियो को खूबसूरत बनाया गया है।
आईटी विभाग और आईटीडीए के संयुक्त प्रयास से देहरादून में यह ई वेस्ट स्टूडियो तैयार किया गया है। यह बाइक इलेक्ट्रिक कचरे जैसे-कम्प्यूटर मॉनिटर, बैटरी, चिप्स आदि से तैयार की गई है।
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स्टूडियो की छत पर सीडी और डीवीडी का इस्तेमाल किया गया है। आईटीडीए के निदेशक IPS अमित सिन्हा के जेहन में यह कॉन्सेप्ट आया था। उनकी यह पहल सचिव आईटी आरके सुधांशु को पसंद आई और फिर काम शुरू हुआ।
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स्टूडियो का काम लगभग पूरा होने को है। यहां लगाई गईं कुर्सियों पर इंटरनेट के तारों का इस्तेमाल किया गया है।
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स्टूडियो में ई-वेस्ट से बनाई गई कैंटीन भी है | इसकी छत पर करीब एक लाख खराब डीवीडी और सीडी इस्तेमाल की गई हैं।
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स्टूडियो में एक ई वेस्ट डोनेट बीन भी रखा गया है। यहां आप ई वेस्ट डोनेट कर सकते हैं।
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