Published : Jun 30, 2020, 03:47 PM ISTUpdated : Jul 01, 2020, 09:09 AM IST
हटके डेस्क: चीन दुनिया के ऊपर अपना दबदबा बनाए रखने के लिए किसी भी हद तक चला जाता है। दुनिया में अभी जिस कोरोना के कारण कई देश शमशान में बदल गए हैं, उसका भी जिम्मेदार चीन ही है। लेकिन ये देश कभी भी अपने नापाक इरादों को नहीं मानता। भारत के साथ बॉर्डर की धोखाधड़ी हो या निहत्थे जवानों पर छिपकर हमला करना, चीन ने कर बार अपनी कायरता का परिचय दिया है। लंबे समय से चीन पर उइगर मुसलमानों को प्रताड़ित करने का आरोप लगता आया है। हल ही में चीन से खबर आई कि वहां के पारम्परिक हान फेस्टिवल में चीनी सरकार उइगर मुसलमानों को सुअर का मांस खाने के लिए दवाब डाल रही है। जो भी मुस्लिम ऐसा करने से इंकार करता है, उसे चीन के री-एजुकेशनल कैंप में भेज दिया जा रहा है, जहां उनपर कई तरह के जुल्म ढाए जाते हैं। साथ ही वर्ल्ड उइगर कांग्रेस ने अब दावा किया है कि ना सिर्फ चीनी सरकार मुसलमानों का धर्म भ्रष्ट करने पर तुली है बल्कि मुस्लिम महिलाओं को जबरदस्ती बांझ भी बना रही है। उन्हें जबरदस्ती बर्थ कंट्रोल पिल्स खिलाए जाते हैं। चीनी सैनिक उइगर मुसलमानों को जेल भेज देते हैं और उसके बाद उनकी बीवियों का रेप करते हैं। उइगर मुसलमानों पर चीन की ज्यादती की ये कहानी काफी दिनों से कही जा रही है लेकिन चीन इसे मानने के लिए तैयार ही नहीं है।
वर्ल्ड उइगर कांग्रेस ने दावा किया है कि बीजिंग में उइगर मुसलमानों को ड्रैगन बोट फेस्टिवल के दौरान सूअर के मांस से भरे डंप्लिंग्स खिलाए गए। जिस मुस्लिम ने इन्हें खाने से इंकार किया, उसे टॉर्चर करने के लिए बनाए गए कैम्प्स में भेज दिया गया।
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उइगर मुसलमानों पर टॉर्चर का किस्सा यही तक का नहीं है। इस तस्वीर में दिख रही महिला ज़ुमरेट दावत उइगर मुसलमान है। हाथ में दिख रहे फोन में उसके पति और बच्चे की तस्वीर है। चीन में डॉक्टर्स ने जबरदस्ती उसका गर्भाशय निकाल दिया। वो अभी एक और बेटे को जन्म देना चाहती थी।
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दरअसल, चीन नहीं चाहता कि उसके देश में उइगर मुसलमानों की संख्या ज्यादा बढ़े। इस कारण चीनी सरकार कई करोड़ रुपये इन महिलाओं के गर्भनिरोध के ऊपर खर्च कर रही है।
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रिपोर्ट्स के मुताबिक, अगर किसी उइगर मुसलमान के दो से ज्यादा बच्चे हैं, तो उनसे फाइन के रूप में लाखों वसूले जाते हैं। साथ ही अगर पैसे ना मिले तो महिला को जेल भेज दिया जाता है।
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एक रिपोर्ट के मुताबिक, 2018 से अभी तक उइगर मुसलमानों की जनसँख्या में 60 प्रतिशत तक की कमी आई है। इस साल इसमें 24 प्रतिशत की कमी और जोड़ ली गई।
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वर्ल्ड उइगर कांग्रेस का कहना है कि चीन के मुसलमानों को जानते हुए निशाना बनाया जा रहा है। कई महिलाओं को पता भी नहीं रहता और उनका गर्भाशय निकाल लिया जाता है।
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पहले वन चाइल्ड पॉलिसी के तहत इन लोगों को काफी टॉर्चर किया जा चुका है। हालांकि, उस वक्त बाहर से आकर बसे लोग तीन बच्चे पैदा कर सकते थे। लेकिन अब तो इसपर जुर्माना लगाया जाता है।
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परिवार के साथ खाना खा रही इस महिला को जबरदस्ती अपना गर्भाशय निकलवाना पड़ा। इसे वार्निंग दी गई थी कि अगर इसने तीसरे बच्चे को जन्म दिया तो उसे कड़े अंजाम भुगतने होंगे।
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20 सितंबर, 2018 की इस तस्वीर में, पश्चिमी चीन के झिंजियांग क्षेत्र के होटन के यूनिटी न्यू विलेज में एक उइगर बच्चा घर के आंगन में अकेला खेलता हुआ। चीन के विद्वानों द्वारा प्रकाशन से पहले द एसोसिएटेड प्रेस द्वारा प्राप्त नए शोध के अनुसार,चीनी सरकार ने जनसँख्या कम करने पर करोड़ों खर्च किये हैं।
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3 दिसंबर, 2018 की फाइल फोटो। लोग पश्चिमी चीन के झिंजियांग क्षेत्र में आर्टक्स के कुन्शान औद्योगिक पार्क में आर्टक्स सिटी वोकेशनल स्किल एजुकेशन ट्रेनिंग सर्विस सेंटर में लाइन अप करते दिखे। एसोसिएटेड प्रेस ने पाया है कि चीनी सरकार शिनजियांग में उइगरों, कज़ाकों पर बच्चे कंट्रोल करने का दवाब दे रही है जबकि अन्य मुस्लिम अल्पसंख्यकों को बच्चे पैदा करने के लिए प्रोत्साहित कर रही है।
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चीन में इस तरह के कई डिटेंशन सेंटर्स बने हैं। इनमें उइगर मुसलमानों को रखा जाता है। कई लोग जो इन सेंटर्स से भागे हैं का कहना है कि यहां जुल्म की इंतेहां पार की जाती है। जो मुस्लिम चीन की तारीफ में कसीदे नहीं पढता उसे मारा-पीटा जाता है।
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20 सितंबर, 2018 को फाइल फोटो में उइगर महिला और बच्चे पश्चिमी चीन के झिंजियांग क्षेत्र के होटन के यूनिटी न्यू विलेज में स्कूल के बाद मोटर-ट्राइसाइकिल पर बैठते हुए। होटन और काशगर के उइगर क्षेत्रों में जन्म दर 2015 के बाद से 60% से अधिक है, ऐसा सरकार के आंकड़े बताते हैं।
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चीन के पश्चिमी शिनजियांग क्षेत्र के एक उइगर महिला जुमरेट वुडब्रिज, वाया में अपने नए घर में अपने साथ लाए गए दस्तावेजों को दिखाते हुए। उसका कहना है कि तीन बच्चे होने पर बिना उसकी मर्जी के ही उसका गर्भाशय निकाल दिया गया।
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फोटो में जुमरत बहुत अधिक बच्चे पैदा करने के लिए लगाए गए जुर्माना राशि की रशीद दिखाते हुए। उसने बताया कि उस पर झिंजियांग निरोध शिविर से रिहा होने के बाद तीसरे बच्चे के लिए 18,400 आरएमबी ($ 2,600) का जुर्माना लगाया गया और जबरन अबॉर्शन कर दिया गया।
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