कुछ महीने बाद पश्चिम बंगाल में होने जा रहे विधानसभा इलेक्शन को लेकर सभी दलों ने कमर कंस ली है। खासकर तृणमूल कांग्रेस और भाजपा में पॉलिटिकल वॉर शुरू हो गया है। कांग्रेस को यहां से कुछ खास उम्मीद नहीं, लेकिन उसका पूरा ध्यान भाजपा को खींचने पर लगा हुआ है। इस बार AIMIM प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी भी बंगाल से कुछ हाथ लगने की आस लगा रहे हैं। आम आदमी पार्टी भी सिर्फ यही चाहती है कि भाजपा नहीं फैले। ममता की कुर्सी पर किसकी कैसी नजर है..देखिए ये फनी फोटोज...
फैक्ट: पश्चिम बंगाल में कुल 294 सीटें हैं। इसमें से 2 सीटों पर सदस्य मनोनित होते हैं। यानी 292 सीटों पर इलेक्शन होता है।
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फैक्ट: 2016 के विधानसभा इलेक्शन में भाजपा को 10.16 फीसदी वोट के साथ मात्र 3 सीटें मिली थीं।
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फैक्ट: 2016 के विधानसभा चुनाव में टीएमसी को 211 सीटें मिली थीं।
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फैक्ट: 2014 लोकसभा चुनाव में भाजपा को 17 फीसदी वोट के साथ 2 सीटें मिली थीं। लेकिन 2019 में 40.2 फीसदी वोट के साथ ये बढ़कर 18 सीटें हो गईं।
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फैक्ट: टीएमसी को 2014 के लोकसभा में 34 सीटें मिली थीं। लेकिन 2019 में 22 सीटें ही मिलीं।
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फैक्ट: अगर NRC-CAA मुद्दे पर बहुसंख्यक वोट एकतरफा गिरते हैं, तो 70 फीसदी वोट सीधे भाजपा को मिलेंगे।
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फैक्ट: पश्चिम बंगाल में 23 फीसदी आबादी अनुसूचित जाति की है। इसमें से भी मटुआ समुदाय का वर्चस्व है।
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फैक्ट
पश्चिम बंगाल के पूर्व में बांग्लादेश, पश्चिम में नेपाल, उत्तर-पूर्व में भूटान, उत्तर में सिक्किम, पश्चिम में बिहार, झारखंड, दक्षिण-पश्चिम में ओडिशा तथा दक्षिण में बंगाल की खाड़ी आते हैं।
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फैक्ट
1956 की सिफारिशों पर अमल करते हुए पड़ोसी राज्यों के बांग्लाभाषी क्षेत्रों को भी पश्चिम बंगाल में मिला दिया गया।
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