चेन्नई, तमिलनाडु. कहते हैं कि शौक बड़ी चीज है। दुनिया में कई लोगों को चीजें कलेक्शन का शौक होता है। कोई पुरानी चीजें जमा करता है, किसी को पुरानी फिल्मों की सीडी-कैसेट्स आदि इकट्ठा करने का शौक होता है। लेकिन हर कोई चाहता है कि उसका यह शौक रिकॉर्ड बने। लेकिन इसके लिए कितना समय लगेगा कोई नहीं जानता। अब चेन्नई के रहने वाले 34 वर्षीय साफ्टवेयर इंजीनियर अन्नामलाई राजेंद्रन को ही देखिए! करीब 10 साल पहले इन्हें अचानक विभिन्न देशों की करेंसी यानी नोट और सिक्के जमा करने का शौक चढ़ा। अब इनका यह शौक एशिया बुक ऑफ रिकार्ड्स में दर्ज हो चुका है।
राजेंद्रन बताते हैं कि 10 साल पहले उन्हें करेंसी इकट्टा करने का शौक लगा था। हालांकि यह आसान नहीं था। इसके लिए उन्होंने बकायदा रिसर्च किया।
25
अन्नामलाई राजेंद्रन के विभिन्न देशों की लीगल करेंसी कलेक्शन को 10 जनवरी को एशिया बुक ऑफ रिकार्ड्स और इंडिया बुक ऑफ रिकार्ड्स में दर्ज किया गया।
35
विभिन्न देशों की मौजूदा मुद्राओं के बारे में तो सभी जानते हैं, लेकिन कई बार हमें पुरानी करेंसी या सिक्के मिलते हैं। इनके बारे में यह मालूम करना मुश्किल होता है कि ये वाकई उस वक्त की लीगल करेंसी थीं या फेक। राजेंद्रन को इसी पर लंबा रिसर्च करना पड़ा।
45
राजेंद्रन के पास 410 बैंक नोट़्स हैं। यानी अधिकतर देशों की करेंसी। इनमें से कई बहुत पुरानी हैं। इनमें 17वीं शताब्दी से लेकर मौजूदा समय की करेंसी तक।
55
अन्नामलाई बताते हैं कि इनमें से कई करेंसी यानी सिक्का कागज, पॉलीमर, कार्डबोर्ड, गोल्ड या कपड़े पर बनी हैं। ये दुर्लभ हैं। इन्हें जुटाने काफी वक्त लगा।
वायरल न्यूज(Viral News Updates): Read latest trending news in India and across the world. Get updated with Viral news in Hindi at Asianet Hindi News