हटके डेस्क: कोरोना वायरस हर बीतते दिन के साथ और विकराल रूप धारण करता जा रहा है। पूरी दुनिया इस महामारी से लड़ रही है। अभी तक इस वायरस के कारण दुनियाभर में तीन लाख 7 हजार से ज्यादा लोग संक्रमित हो चुके हैं। वहीं मौत का आंकड़ा 13 हजार पार कर चुका है। भारत में भी इसके मरीजों की संख्या 300 पार चुकी है। अभी तक इस वायरस का कोई इलाज सामने नहीं आया है। इस बीच एक ऐसा यंत्र सामने आया है, जिससे कोरोना के फैलने पर रोक लगाई जा सकती है।
कोरोना का कोई इलाज नहीं मिला है। इससे सिर्फ एक चीज से बचा जा सकता है, वो है प्रिकॉशंस लेकर।
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संक्रमित व्यक्ति से जितनी दुरी रहे, ये वायरस आपसे उतना ही दूर रहेगा।
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दुनिया में इस वायरस के फैलने का सबसे बड़ा कारण है, लोगों द्वारा अपने संक्रमण की बात छिपाना।
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संक्रमित होकर भी लोग घरों से बाहर निकले। इसी का नतीजा हुआ कि ये वायरस दूसरों तक जाता रहा।
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अब यूनिवर्सिटी ऑफ मेसाचुसेट्स एमहर्स्ट ने एक ऐसी डिवाइज बनाई है, जिससे वायरस रोकने में सफलता मिल सकती है।
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यंत्र पब्लिक प्लेस में खांसने और छींकने की आवाज रिकॉर्ड करता है। इससे ये पता चलता है कि पब्लिक प्लेस पर कितने लोगों को सांस से संबंधी बीमारी है।
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इस डिवाइस का नाम फ्लूइसन रखा गया है। डिवाइस का निर्माण 2018 में ही था। इसके बाद 8 महीने तक इसका ट्रायल यूनिवर्सिटी में किया गया।
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फ्लूइसन डिवाइस ना सिर्फ ऑडियो रिकॉर्ड करता है, बल्कि इसमें एक थर्मल कैमरा लगा है। वो बॉडी का टेम्पेरेचर भी रिकॉर्ड करता है।
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इसे बनाने वाले शख्स ने बताया कि इस डिवाइस से कोरोना पर रोक लगाई जा सकती है। डिवाइस से पता चल जाएगा कि पब्लिक में कौन बीमार है।
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सर्दी-खांसी की आवाज रिकॉर्ड होने पर सम्बंधित व्यक्ति को इलाज के लिए ले जाया सकता है। बता दें कि इस डिवाइस का निर्माण कोरोना से काफी पहले किया गया था। फिर दिसंबर 2018 से जुलाई 2019 तक इसका परिक्षण किया गया।
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परिक्षण के दौरान इस डिवाइस ने 21 मिलियन आवाजें रिकॉर्ड की थी। साथ ही साढ़े तीन लाख थर्मल स्कैन किया था।
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