Published : Jan 13, 2020, 04:28 PM ISTUpdated : Jan 14, 2020, 11:50 AM IST
हटके डेस्क: 12 जनवरी 2010 में हेती में आए भूकंप को दुनिया के सबसे विनाशकारी प्राकृतिक आपदा में गिना जाता है। आम दिनों की तरह लोग काम में व्यस्त थे कि तभी यहां 7.0 मैग्नीट्यूड के भूकंप के झटके आए और फिर सबकुछ ध्वस्त हो गया। भूकंप ने पूरा देश तबाह कर दिया। इस भूकंप में देश बर्बाद हो गया। करीब ढाई लाख लोग जिंदा दफन हो गए। साथ ही तीन लाख से ज्यादा लोग घायल हो गए। मरने वाले लोगों में उनकी गिनती नहीं है, जिसे परिवार वालों ने दफनाया था। इस भीषण भूकंप की तस्वीरें देख रूह कांप जाती है। आपको बताते है कैसे इस भूकंप से 10 साल के बाद भी ये देश जूझ रहा है।
हेती में 10 साल पहले आए भूकंप से इसकी राजधानी पोर्ट ओ प्रिंस को पूरी तरह बर्बाद कर दिया था। राष्ट्रपति के महल के आलावा सभी बड़े इमारत ढह गए थे।
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युनाईटेड नेशन की वेबसाइट के मुताबिक, भूकंप के झटके मात्र 35 सेकंड आए थे। इतनी ही देर में पूरा देश तबाह हो गया।
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भूकंप के बाद इस देश में कालरा का प्रकोप फ़ैल गया। जिसमें भी कई लोग मारे गए।
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राहत कार्य शुरू तो हुए लेकिन लोगों को उस हिसाब से मदद नहीं मिल पाई। अस्पताल में इलाज की कमी और खाने-पीने की कमी से भी कई लोग मारे गए।
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भूकंप की तीव्रता ऐसी थी कि जो जहां था, वहीं दफ़न हो गया। सरकारी आंकड़ों में तो मरने वालों की संख्या ढाई लाख थी। लेकिन इसके अलावा भी सैंकड़ों-हजारों लोग मारे गए थे।
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भूकंप के 10 साल बाद भी इस देश की तस्वीर नहीं बदली है।
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आज भी इस देश की टूटी इमारतें उसी तरह मौजूद हैं।
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लोग आज भी सड़कों पर रहते हैं। राहत शिविर में लोगों की जिंदगी कट रही है।
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यहां आज भी अशिक्षा और भुखमरी के कारण लोग पिछड़े ही है।
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सरकार के खिलाफ लोगों में आक्रोश भरा हुआ है।
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आए दिन सरकार के खिलाफ लोग धरना-प्रदर्शन करते नजर आते हैं। हादसे के 10 साल होने पर यूएन ने मरने वालों के आश्रितों की मदद जारी रखने का एलान किया है।
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