Published : Aug 21, 2020, 11:17 AM ISTUpdated : Aug 21, 2020, 02:47 PM IST
हटके डेस्क: कोरोना वायरस की वजह से दुनिया को काफी मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है। कई देश कई महीनों से लॉकडाउन थे। अब धीरे-धीरे चीजें नॉर्मल हो रही हैं। हालांकि, संक्रमितों की संख्या तेजी से बढ़ती ही जा रही है। अभी तक इसका इलाज नहीं मिला है, जो काफी परेशानी की बात है। इस बीच अब यूएन पापुलेशन फंड ने कोरोना के कारण दिसंबर के अंत तक एक और अहम मुसीबत का खुलासा किया है। उन्होंने बताया कि कोरोना की वजह से इस साल के अंत में जबरदस्त जनसंख्या विस्फोट होगा। कोरोना के कारण इस साल जनवरी से जून तक के बीच में करीब 20 लाख महिलाओं को किसी तरह का गर्भनिरोध नहीं मिल पाया था। इस कारण साल के अंत तक दुनिया में जनसँख्या विस्फोट होने की पूरी उम्मीद है।
कोविड 19 महामारी के कारण जनसँख्या विस्फोट की भविष्यवाणी की गई है। ऐसा इसलिए कि कोरोना के कारण लाखों महिला गर्भनिरोध और एबॉर्शन से वंचित हो गई हैं। ऐसे में उनके सामने बच्चों को जन्म देने के अलावा कोई रास्ता नहीं बचा।
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मेरी स्टोपेस इंटरनेशनल के मुताबिक, 2019 के मुकाबले 2020 में जनवरी से जून के बीच
लगभग 19 लाख कम महिलाओं ने गर्भनिरोध का इस्तेमाल किया है। इस आधार पर इस विस्फोट की भविष्यवाणी की गई है।
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इस रिपोर्ट में कहा गया कि कोरोना की वजह से करीब 9 लाख बच्चों का जन्म हो सकता है। इस रिपोर्ट के बाद WHO द्वारा जारी की गई चेतावनी को भी हवा मिल गई है। पिछले महीने WHO ने भी लगभग ऐसी ही बात कही थी।
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103 देशों के आंकड़ों के आधार पर पता चाला कि मई से जुलाई के बीच दो तिहाई देशों में मेडिकल हेल्थ फैसिलिटी पर असर पड़ा है। जहां मेरी स्टोपेस इंटरनेशनल ने 9 लाख बच्चों के जन्म की बात कही है, वहीं WHO की रिपोर्ट के मुताबिक, इसकी संभावना 70 लाख होने की है।
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इतिहास पर भी नजर डालें तो जब भी दुनिया में कोई वॉर हुआ है या कोई महामारी फैली है, उसके बाद बर्थ रेट में तेजी आती है। वर्ल्ड वॉर टू के बाद भी जब कई कपल्स कई सैलून बाद मिले थे, तब भी अचानक जनसंख्या विस्फोट हुआ था।
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ऐसा ही कुछ 2014 में हुआ था। जब वेस्ट अफ्रीका में इबोला का प्रकोप हुआ था। तब भी अचानक कई बच्चे पैदा हुए थे।
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मेरी स्टोपेस इंटरनेशनल की रिपोर्ट में करीब 15 लाख अबॉर्शन की भी जानकारी दी गई है। साथ ही बच्चों को जन्म देते हुए करीब 3 हजार महिलाओं की मौत की भी बात सामने आई।
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द डेली टेलीग्राफ से बातचीत के दौरान ग्लोबल हेल्थ पॉलिसी जो डॉ क्लेयर वेन्हम ने बताया कि जनसँख्या विस्फोट तो होगा ही। ये कॉमन है। हर महामारी के बाद ऐसा होता है। देश की सरकारों को इससे पहले ही निपटना चाहिए था।
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बता दें कि जैसे ही कई देशों में लॉकडाउन लगा था, वैसे ही कई जगह पर कंडोम की कमी की बात सामने आई थी। इसके बाद लोगों के मेडिकल एक्सेस छूट गए। और अब इस साल के अंत तक तेजी से प्रेग्नेंसी के मामले सामने आने लगेंगे।
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