सड़कें बनी तालाब...हर तरफ नजर आ रहा पानी....132 की मौत; देखें, कुदरत के कहर की खौफनाक तस्वीरें

Published : Jul 24, 2020, 04:03 PM ISTUpdated : Jul 24, 2020, 04:05 PM IST

काठमांडू. नेपाल में बाढ़ का कहर जारी है। यहां बाढ़, बारिश और भूस्खलन से अब तक 132 लोगों की मौत हो चुकी है। वहीं, बाढ़ से 998 परिवार भी प्रभावित हुए हैं। नेपाल डिजास्टर मैनेजमेंट अथॉरिटी के मुताबिक, नेपाल में अभी भी 53 लोग लापता हैं।

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सड़कें बनी तालाब...हर तरफ नजर आ रहा पानी....132 की मौत; देखें, कुदरत के कहर की खौफनाक तस्वीरें

नेपाल डिजास्टर मैनेजमेंट ने बयान जारी कर कहा, 23 जुलाई तक देश में बाढ़, भूस्खलन और बारिश से जुड़ी घटनाओं में 132 लोगों की मौत हुई है। वहीं, 128 लोग जख्मी हैं। अब तक 53 लोग लापता हैं। बाढ़ से देश में 998 परिवार भी प्रभावित हुए हैं। 

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नेपाल डिजास्टर मैनेजमेंट के मुताबिक, देश में मयागडी, जाजरकोट सबसे ज्यादा प्रभावित हैं। मायागडी में पिछले 2 हफ्तों में 27 लोगों की मौत हो चुकी है।

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बाढ़ प्रभावित इलाकों में राहत और बचाव के कार्य लगातार चल रहे हैं। वहीं, लापता हुए लोगों की भी तलाश की जा रही है। 

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यहां निचले स्थानों पर रहने वाले लोगों को सुरक्षित स्थान पर भी पहुंचाया जा रहा है। नेपाल में मानसून के साथ प्राकृतिक आपदाएं आम हैं। यहां भूस्खलन के चलते सैकड़ों लोगों को स्थानीय स्कूलों और सामुदायिक केंद्रों में स्थित राहत शिविरों में रखा गया है। 

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नेपाल में मौसम विभाग ने इस महीने की शुरुआत में ही तीन दिनों के लिए तेज बारिश का अनुमान जताया था। इसके बाद देश के कई इलाकों में तेज बारिश हुई। बारिश के चलते नदियां भी उफान पर हैं।

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नदी में बढ़ते जलस्तर के बाद फोटो खींचते स्थानीय लोग। 

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बाढ़ के चलते नदियां खतरे के निशान के ऊपर बह रही हैं। इसके बावजूद स्थानीय लोग अपने जीवन को खतरे में डालकर फोटो खींचते हुए। 

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राजधानी काठमांडू में भी कई निचले इलाकों में पानी फर गया है। लोगों को घुटनों तक पानी से निकलना पड़ रहा है।

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लगातार हो रही बारिश से नेपाल में लोगों का रहना भी मुश्किल हो रहा है। त्रिपुरेश्वर में बागमती नदी का पानी भर गया है। 

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