Published : Apr 19, 2020, 04:13 PM ISTUpdated : Apr 19, 2020, 04:38 PM IST
न्यूयॉर्क. दुनियाभर के देश कोरोना वायरस की चपेट में हैं। अब तक 1.61 लाख की मौत हो चुकी है। कोरोना से अमेरिका सबसे ज्यादा प्रभावित है। यहां कई जगहों पर लॉकडाउन लगाया गया है। इसके चलते उद्योग धंधे सब बंद हैं। स्थिति यह है कि यहां करीब 2.2 करोड़ लोग बेरोजगार हो चुके हैं। महामारी के चलते भूख से मरने की नौबत आ गई है। यहां लोग अपने परिवार के साथ फूड बैंक की तरफ भाग रहे हैं। फूड बैंक के बाहर जहां देखो वहां तक सिर्फ लाइनें दिख रही हैं। लोग घंटों खड़े रहकर दान के लिए इंतजार कर रहे हैं। अमेरिका में तमाम परिवार दानदाताओं पर निर्भर हो गए हैं।
मंगलवार को पेन्सिलवेनिया में ग्रेटर पीट्सबर्ग कम्युनिटी फूड बैंक के सामने हजारों कारें फूड बैंक के सामने अपनी बारी का इंतजार करती खड़ीं नजर आईं। इसी तरह से टेक्सास के सैन एंटोनियो, कैलिफोर्निया में भी कई किलोमीटर तक लोगों की लाइन लग रहीं हैं।
216
पीट्सबर्ग कम्युनिटी फूड बैंक के फूड पैकेटों की मांग 40% तक बढ़ गई है। फूड बैंक के उपाध्यक्ष ब्रायन गुलिश ने बताया, काफी लोग पहली बार हमारे सेवा का इस्तेमाल कर रहे हैं। लॉकडाउन से पहले ये लोग कभी फूड बैंक में नहीं आए।
316
ब्रायन गुलिश ने बताया, पीट्सबर्ग पेन्सिलवेनिया में उनकी संस्था के 350 फूड बैंक हैं। लेकिन लोगों को कभी जरूरत ना पड़ने के चलते इसके बारे में जानकारी नहीं है। इसलिए यहां हजारों की संख्या में लोग आ रहे हैं।
416
अमेरिका में कोरोना वायरस के संक्रमण के 7.3 लाख से ज्यादा मामले सामने आ चुके हैं। 39 हजार लोगों की मौत हो चुकी है। ऐसे में कोरोना को फैलने से रोकने के लिए कई जगहों पर लॉकडाउन लगाया गया है।
516
अमेरिका में न्यू ओर्लीन्स से डेट्रोइट तक फूड बैंक में बड़ी संख्या में लोग पहुंच रहे हैं। बोस्टन के चेल्सिया में फूड बैंक पर पहुंची महिला ने बताया, उसके पति की नौकरी चली गई है। उसके दो बच्चे हैं। एक बच्चा सिर्फ 15 दिन का है। उसके घर में खाने का कोई सामान नहीं है। वहीं, अमेरिका के फूड बैंकों का कहना है कि अचानक से उनके भोजन की मांग बढ़ गई है।
616
अमेरिका में संकट के वक्त में फूड बैंक लोगों के लिए सहारा बनी हैं। सैन एंटोनियो स्थित फूड बैंक एक दिन में 6-6 हजार लोगों को 1 मिलियन पाउंड खाना बांट रही है।
716
टेक्सास के सैन एंटोनियो में मंगलवार को ट्रेडर्स गांव में हजारों कारें खड़ीं थीं। लोग अपनी अपनी बारी का इंतजार कर रहे थे। जिससे उन्हें फूड बैंक से खाना मिल सके।
816
यहां परिवारों को फल, सब्जियों और अन्य राशन सामान को पाने के लिए घंटों इंतजार करना पड़ रहा है। दरअसल, आर्थिक तंगी और लॉकडाउन के चलते वे खरीद पाने में असमर्थ हैं।
916
अमेरिका में लॉकडाउन के बाद से फूड बैंकों के बाहर इंतजार कर रही कारों की लंबी लाइनें दिखना आम हो गया है। यह अमेरिका के फ्लोरिडा और पेन्सिलवेनिया में भी आम नजारे हो गए हैं।
1016
फूड बैंक समय समय पर आयोजन कर लोगों को राशन और जरूरी सामान बांट रही हैं। इसके लिए लोगों को पहले से ऑनलाइन रजिस्टर करना पड़ता है।
1116
फूड बैंक से पर्याप्त मात्रा में सामान दिया जा रहा है। इससे लोग आसानी से 1 महीना घर पर बिता सकें।
1216
लोगों को सामान बांटने के लिए हजारों कार्यकर्ता भी काम में जुटे हैं।
1316
फूड बैंक के वालंटियर एक एक कार तक जाकर लोगों को सामान पहुंचा रहे है।
1416
अपनी कार में फूड बैंक से मिले, फल, सब्जी और किराने के सामान को कार में रखता शख्स।
1516
फूड बैंक द्वारा राशन बांटने में अव्यवस्था ना फैले, इसके लिए भी तमाम अतिरिक्त वालंटियर रखे गए हैं।
1616
लोग अपने परिवारों के साथ इन फूड बैंक में पहुंच रहे हैं।
अंतरराष्ट्रीय राजनीति, ग्लोबल इकोनॉमी, सुरक्षा मुद्दों, टेक प्रगति और विश्व घटनाओं की गहराई से कवरेज पढ़ें। वैश्विक संबंधों, अंतरराष्ट्रीय बाजार और बड़ी अंतरराष्ट्रीय बैठकों की ताज़ा रिपोर्ट्स के लिए World News in Hindi सेक्शन देखें — दुनिया की हर बड़ी खबर, सबसे पहले और सही तरीके से, सिर्फ Asianet News Hindi पर।