कब बनेगी कोरोना की वैक्सीन, अमेरिका के टॉप वैज्ञानिक ने कही ये चौंकाने वाली बात

Published : May 22, 2020, 02:46 PM IST

नई दिल्ली. कोरोना से दुनियाभर में 51 लाख से ज्यादा लोग संक्रमित हो चुके हैं। अब तक 3.34 लाख लोगों की मौत हो चुकी है। तमाम देशों की कोशिशों के बाद अब तक कोरोना की वैक्सीन नहीं बन पाई है। एचआईवी जैसी बीमारी पर शोध कर चुके अमेरिका के जाने माने वैज्ञानिक ने कोरोना की वैक्सीन को लेकर चौंकाने वाली बात कही है। उन्होंने कहा, उन्हें नहीं लगता है कि कोरोना वायरस की वैक्सीन जल्द बन पाएगी।   

PREV
17
कब बनेगी कोरोना की वैक्सीन, अमेरिका के टॉप वैज्ञानिक ने कही ये चौंकाने वाली बात

विलियम हेसलटाइन अमेरिका के जाने माने वैज्ञानिक हैं। वे कैंसर, एचआईवी जैसे तमाम शोध कार्यों में जुड़े रहे हैं। जब उनसे पूछा गया कि कोरोना का टीका कब तक बनने की संभावना है।

27

इस पर हेसलटाइन ने कहा, वे इसका इंतजार नहीं करना चाहेंगे, क्यों कि उन्हें यह जल्द संभव नजर नहीं आता। उन्होंने कहा, कोरोना वायरस को रोकने के लिए मरीजों को खोजा जाए, संक्रमण वाली जगहों को आइसोलेशन के जरिए रोका जाना चाहिए। 

37

विलियम ने कहा, अमेरिका की सरकार को वैक्सीन बनने के इंतजार में नहीं बैठना चाहिए। उन्होंने कहा, अगर शीर्ष नेतृत्व यह सोच रहा है कि टीका बनने के बाद ही लॉकडाउन में ढिलाई की जाएगी। तो यह रणनीति सही नहीं है।  

47

उन्होंने बताया कि इससे पहले भी अन्य तरह के कोरोना वायरस की वैक्सीन तैयार की गई है। यह नाक के संक्रमण को फैलने से रोकेने में विफल रही है। नाक से ही वायरस के शरीर में दाखिल होने की संभावना सबसे अधिक होती है।  

57

विलियम ने कहा, बिना वैक्सीन या प्रभावी इलाज के भी कोरोना वायरस के संक्रमण को कम किया जा सकता है। उन्होंने कहा, इसके लिए संक्रमण की पहचान जरूरी है। इसके अलावा लोगों को आइसोलेशन में रखना सबसे ज्यादा असरदार है। 
 

67

उन्होंने कहा, बाकी लोग हाथ धोते रहें, सफाई का ध्यान रखें, मास्क पहनें तब भी कोरोना वायरस के संक्रमण में कमी आ सकती है। 
 

77

विलियम के मुताबिक, चीन समेत कुछ एशियाई देशों ने रणनीति को प्रभावशाली तरीके से लागू किया। जबकि अमेरिका ऐसा नहीं कर पाया। उनके मुताबिक, चीन, द कोरिया, ताइवान कोरोना संक्रमण की दर को रोकने में कामयाब रहे। जबकि, अमेरिका, इटली, यूरोप और ब्राजील इसमें असफल रहे। 
 

अंतरराष्ट्रीय राजनीति, ग्लोबल इकोनॉमी, सुरक्षा मुद्दों, टेक प्रगति और विश्व घटनाओं की गहराई से कवरेज पढ़ें। वैश्विक संबंधों, अंतरराष्ट्रीय बाजार और बड़ी अंतरराष्ट्रीय बैठकों की ताज़ा रिपोर्ट्स के लिए World News in Hindi सेक्शन देखें — दुनिया की हर बड़ी खबर, सबसे पहले और सही तरीके से, सिर्फ Asianet News Hindi पर।

Recommended Stories