
हिंदी में मुहावरों का इस्तेमाल किसी बात को कम शब्दों में असरदार तरीके से कहने के लिए किया जाता है। ‘ढ’ अक्षर से शुरू होने वाले मुहावरों में भी रोजमर्रा की जिंदगी से जुड़ी कई दिलचस्प बातें छिपी हैं। किसी को सुधारने के लिए ‘ढंग पर लाना’, पुरानी स्थिति के बने रहने पर ‘ढाक के तीन पात’ और किसी बात का खूब प्रचार करने पर ‘ढिंढोरा पीटना’ कहते हैं। इसी तरह बड़ी-बड़ी बातें करने वाले के लिए ‘ढपोरशंख होना’, किसी की कमजोरी पहचानने के लिए ‘ढीली नस पकड़ना’ और मुसीबत में किसी का साथ देने के लिए ‘ढाल बनना’ जैसे मुहावरे इस्तेमाल होते हैं। आइए जानते हैं ‘ढ’ अक्षर वाले मुहावरों के आसान मतलब...
1 - 'ढंग पर लाना' मतलब - सुधारना, सही तरीके पर लाना
2 - 'ढंग पर आना' मतलब - सुधर जाना, सही तरीके से चलने लगना
3 - 'ढंग पकड़ना' मतलब - सही तरीका सीख लेना
4 - 'ढंग से रहना' मतलब - सही तरीके से व्यवहार करना
5 - 'ढब डालना' मतलब - किसी काम की आदत डालना
6 - 'ढब पर आना' मतलब - किसी तरीके या आदत के अनुसार चलना
7 - 'ढब पर चढ़ना' मतलब - किसी तरीके को अपना लेना
8 - 'ढब पर चढ़ाना' मतलब - किसी को किसी तरीके का आदी बनाना
9 - 'ढब पर लगाना' मतलब - किसी काम के तरीके में लगाना
10 - 'ढर्रे पर आना' मतलब - सुधर जाना, सामान्य तरीके पर लौटना
11 - 'ढर्रे पर चलना' मतलब - पुराने या तय तरीके से काम करना
12 - 'ढर्रा चलाना' मतलब - एक ही तरीके से काम चलाते रहना
13 - 'ढल जाना' मतलब - परिस्थिति या समय के अनुसार खुद को बदल लेना
14 - 'ढलती-फिरती छाया' मतलब - भाग्य का बदलते रहना
15 - 'ढाई ईंट की मस्जिद' मतलब - सबसे अलग चलना
16 - 'ढाई चावल की खिचड़ी पकाना' मतलब - सबसे अलग काम या विचार करना
17 - 'ढाई चुल्लू लहू पीना' मतलब - बहुत ज्यादा गुस्सा होना
18 - 'ढाई दिन की बादशाहत' मतलब - थोड़े समय की शान या सत्ता
19 - 'ढाक के तीन पात' मतलब - स्थिति में कोई बदलाव न होना
20 - 'ढाक के वही तीन पात' मतलब - बार-बार वही स्थिति बनी रहना
21 - 'ढील देना' मतलब - छूट देना, कड़ाई न करना
22 - 'ढेर होना' मतलब - गिर जाना या मारा जाना
23 - 'ढेर कर देना' मतलब - मार गिराना या हरा देना
24 - 'ढोल पीटना' मतलब - किसी बात को सबको बता देना
25 - 'ढिंढोरा पीटना' मतलब - किसी बात का खूब प्रचार करना
26 - 'ढपोरशंख होना' मतलब - बड़ी-बड़ी बातें करना, काम न करना
27 - 'ढोल में पोल' मतलब - दिखावे के पीछे असलियत कमजोर होना या ऊपर से बहुत अच्छा दिखना लेकिन अंदर से सच्चाई कुछ और होना
28 - 'ढोंग रचना' मतलब - दिखावे के लिए झूठा व्यवहार करना या धोखेबाजी से काम लेना
29 - 'ढोंग करना' मतलब - झूठा दिखावा करना
30 - 'ढकोसला करना' मतलब - बेकार या दिखावटी बात करना या धोखा देना
31 - 'ढांचा खड़ा करना' मतलब - किसी काम या व्यवस्था की शुरुआती संरचना बनाना
32 - 'ढांचे में ढलना' मतलब - किसी तय व्यवस्था के अनुसार खुद को बदलना या माहौल के मुताबिक बदल जाना
33 - 'ढाढ़स बंधाना' मतलब - दुखी इंसान को हिम्मत देना
34 - 'ढाल बनना' मतलब - किसी की रक्षा करना
35 - 'ढाल बनकर खड़ा होना' मतलब - किसी के बचाव में मजबूती से खड़ा होना
36 - 'ढाल बनाना' मतलब - किसी को बचाव के साधन के रूप में इस्तेमाल करना
37 - 'ढीला छोड़ना' मतलब - पूरी तरह रोक-टोक न करना
38 - 'ढीला पड़ना' मतलब - कमजोरी या सुस्ती आ जाना
39 - 'ढीला पड़ जाना' मतलब - उत्साह या ताकत कम हो जाना
40 - 'ढीला-ढाला होना' मतलब - व्यवस्थित या चुस्त न होना
41 - 'ढीली पोल खोलना' मतलब - छिपी कमजोरी सामने आ जाना
42 - 'ढीली चूड़ियां पहनना' मतलब - कमजोर या कायर होना
43 - 'ढीली नस पकड़ना' मतलब - किसी की कमजोरी पहचान लेना
44 - 'ढोर-डंगर समझना' मतलब - किसी को बहुत तुच्छ समझना या किसी इंसान को मूर्ख समझना
45 - 'ढोर की तरह हांकना' मतलब - बहुत कठोरता से नियंत्रित करना या बहुत निर्ममता के साथ कंट्रोल करना
46 - 'ढेरों बातें बनाना' मतलब - बहुत ज्यादा बातें करना
47 - 'ढेर लगाना' मतलब - बहुत ज्यादा मात्रा में जमा करना
48 - 'ढेर लग जाना' मतलब - बहुत बड़ी संख्या में इकट्ठा हो जाना
49 - 'ढंग-ढर्रे पर लाना' मतलब - किसी को सही तरीके से चलाना
50 - 'ढीली चड्डी होना' मतलब - बहुत डर जाना या बहुत भय में आ जाना
51 - 'ढूंढते रह जाना' मतलब - न मिलना या बहुत प्रयास करने पर मनपसंद चीज ना मिलना