EOS-05 Satellite: ISRO के नए सैटेलाइट की क्या हैं वो 5 खासियतें? जो छात्रों को जरूर जाननी चाहिए!

Published : Sep 06, 2026, 12:54 PM IST
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सार

ISRO के EOS-05 Satellite की 5 बड़ी खासियतें जानिए। GSLV-F17 से लॉन्च यह Geosynchronous Imaging Satellite खेती, मौसम, आपदा प्रबंधन और Earth Observation में अहम भूमिका निभाएगा।

नई दिल्ली: ISRO ने GSLV-F17 रॉकेट के जरिए EOS-05 Earth Observation Satellite को सफलतापूर्वक अंतरिक्ष में भेज दिया है। 4 सितंबर 2026 को श्रीहरिकोटा स्थित सतीश धवन स्पेस सेंटर से हुए इस लॉन्च के बाद सैटेलाइट को Sub-Geosynchronous Transfer Orbit यानी Sub-GTO में स्थापित किया गया। EOS-05 की खासियत यह है कि यह भारत का पहला ऐसा इमेजिंग सैटेलाइट है जिसे Geosynchronous Orbit से Earth Imaging के लिए तैयार किया गया है। हालांकि लॉन्च के तुरंत बाद यह अंतिम GSO में नहीं पहुंचा है। ISRO अब इसके orbit manoeuvres के जरिए इसे 85.5°E के Geosynchronous Orbit स्लॉट में ले जाने की प्रक्रिया में है।

छात्रों और अंतरिक्ष विज्ञान में रुचि रखने वालों के लिए EOS-05 मिशन की ये 5 बातें खास?

1. EOS-05 Satellite Features: भारत का पहला जियोसिंक्रोनस इमेजिंग सैटेलाइट

EOS-05 एक अत्याधुनिक Earth Observation Satellite है। ISRO के मुताबिक यह भारत का पहला imaging satellite है जिसे Geosynchronous Orbit से पृथ्वी की तस्वीरें लेने के लिए तैयार किया गया है। इस तरह की कक्षा का बड़ा फायदा यह है कि सैटेलाइट किसी बड़े क्षेत्र की बार-बार निगरानी कर सकता है। यही वजह है कि EOS-05 को भारत के Earth Observation Programme में अहम उपलब्धि माना जा रहा है।

2. GSLV-F17 Rocket Details: 420 टन वजनी रॉकेट से हुई सफल लॉन्चिंग

EOS-05 को GSLV-F17 रॉकेट से लॉन्च किया गया। यह भारत के Geosynchronous Satellite Launch Vehicle की 19वीं उड़ान है। ISRO के मुताबिक मिशन के दौरान रॉकेट ने EOS-05 को निर्धारित Sub-GTO में सफलतापूर्वक स्थापित किया। GSLV-F17 करीब 51.7 मीटर ऊंचा है और इसका लिफ्ट-ऑफ मास करीब 420.5 टन है। यह तीन चरणों वाला लॉन्च व्हीकल है, जिसमें स्वदेशी क्रायोजेनिक अपर स्टेज भी शामिल है। EOS-05 का वजन करीब 2,367 किलोग्राम है और यह GSLV द्वारा अब तक ले जाया गया सबसे भारी पेलोड बताया गया है।

3. Earth Observation Satellite Advantage: अब बड़े इलाकों पर रखी जा सकेगी पैनी नजर

EOS-05 को ऐसी कक्षा से Earth Imaging के लिए विकसित किया गया है, जहां से यह बड़े भौगोलिक क्षेत्र पर लगातार नजर रखने में सक्षम होगा। Low Earth Orbit में घूमने वाले कई Earth Observation Satellites किसी खास क्षेत्र को अपनी कक्षा के दौरान सीमित समय के लिए ही देख पाते हैं। इसके मुकाबले Geosynchronous Orbit से काम करने वाला EOS-05 भारत और आसपास के क्षेत्रों की बार-बार तस्वीरें लेने के लिए ज्यादा उपयोगी हो सकता है। यही क्षमता इसे तेज़ी से बदलने वाली घटनाओं की निगरानी के लिए खास बनाती है।

4. Weather Monitoring and Forecasting: मौसम का मिजाज समझना अब होगा आसान

EOS-05 से मिलने वाली Earth Imaging जानकारी का इस्तेमाल मौसम और प्राकृतिक घटनाओं की निगरानी में किया जा सकता है। चक्रवात, बाढ़ और दूसरी तेजी से बदलने वाली घटनाओं के दौरान बार-बार मिलने वाली तस्वीरें स्थिति को समझने में मदद कर सकती हैं। इसका फायदा केवल मौसम की निगरानी तक सीमित नहीं रहेगा। Earth Observation Data खेती, पर्यावरण और प्राकृतिक संसाधनों की निगरानी जैसे क्षेत्रों में भी उपयोगी हो सकता है।

5. Disaster Management Control: आपदा और आपात स्थिति में साबित होगा मददगार

EOS-05 से मिलने वाले डेटा का इस्तेमाल Agriculture, Disaster Management और Earth Observation से जुड़े कामों में किया जा सकता है। बाढ़, चक्रवात या जंगल की आग जैसी प्राकृतिक आपदाओं के दौरान अंतरिक्ष से मिलने वाली तस्वीरें प्रभावित इलाकों का आकलन करने में मदद कर सकती हैं। इससे राहत और बचाव की योजना बनाने में भी उपयोगी जानकारी मिल सकती है। खेती के क्षेत्र में भी Earth Observation Data के जरिए बड़े इलाकों की स्थिति पर नजर रखने में मदद मिल सकती है। पर्यावरण और प्राकृतिक संसाधनों की निगरानी में भी ऐसे सैटेलाइट महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।

EOS-05 Mission क्यों है खास?

EOS-05 सिर्फ एक और Earth Observation Satellite नहीं है। इसकी सबसे बड़ी खासियत इसका Geosynchronous Imaging Capability है। ISRO के मुताबिक यह भारत का पहला dedicated imaging satellite है जिसे geo orbit से पृथ्वी की इमेजिंग के लिए तैयार किया गया है। 4 सितंबर को सफल लॉन्च के बाद 5 सितंबर को इसके पहले orbit manoeuvre को भी सफलतापूर्वक पूरा किया गया। ISRO के मुताबिक आगे के manoeuvres के जरिए इसे 85.5° East orbital slot पर Geosynchronous Orbit में स्थापित किया जाना है। इस तरह EOS-05 भारत की Earth Observation और Space Imaging क्षमता को एक नई ऊंचाई देने वाला मिशन है।

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