
Hindu Puja Flowers: हिंदू धर्म में पूजा के दौरान फूल चढ़ाना श्रद्धा और सम्मान का प्रतीक है। देवी-देवताओं को उनकी पसंदीदा वस्तुएं और फूल चढ़ाने की परंपरा है। धर्म ग्रंथों में लिखा है कि देवताओं का मस्तक हमेशा फूलों से सजा होना चाहिए। फूल चढ़ाने से जुड़े अनेक नियम भी बनाए गए हैं। धार्मिक ग्रंथों और परंपराओं में कुछ ऐसे फूलों के बारे में भी बताया गया है जिन्हें पूजा में चढ़ाने से बचना चाहिए।
1. मुरझाए या सूखे फूल
पूजा में सबसे पहले इस बात का ध्यान रखा जाता है कि फूल ताजे हों। मुरझाए, सूखे या सड़े फूल भगवान को नहीं चढ़ना चाहिए। जैसे-सुबह तोड़े गए फूल शाम तक अगर मुरझा-सूख जाएं, तो दूसरे दिन उन्हें दोबारा पूजा में यूज ना करें।
2. जमीन पर गिरे हुए फूल
जमीन पर गिरे हुए फूल पूजा में चढ़ाने से बचना चाहिए। माना जाता है कि ऐसे फूल अपनी पवित्रता खो देते हैं। हालांकि अगर फूल साफ कपड़े या पूजा की थाली में रखे हों, तो कंडीशन अलग होती है।
3. कीड़े लगे या टूटे फूल
जिन फूलों में कीड़े लगे हों, पंखुड़ियां टूटी हों या वे खराब हो चुके हों, उन्हें पूजा के लिए सही नहीं माना जाता। पूजा में साफ और सुगंधित फूल ही चढ़ाना या यूज करना चाहिए।
4. भगवान शिव को केतकी का फूल नहीं चढ़ाया जाता
भगवान शिव को केतकी (केवड़ा) का फूल नहीं चढ़ाया जाता है। इसकी वजह शिव पुराण की एक कथा है, जिसमें केतकी के फूल ने असत्य का साथ दिया था। इसी वजह से शिव पूजा में इस फूल का प्रयोगग नहीं करते हैं। हालांकि केवड़े की सुगंध का प्रयोग कुछ धार्मिक कार्यों में होता है।
नहीं। पूजा-पाठ में प्राकृतिक और ताजे फूलों ही प्रयोग करना चाहिए। कृत्रिम फूल सिर्फ साज-सज्जा के लिए यूज करना चाहिए।
- कमल
- गुलाब
- चमेली
- गेंदा
- बेला
- अपराजिता (कुछ पूजा परंपराओं में)
- कनेर (कुछ देवी-देवताओं की पूजा में)
- ताजे और साफ फूल लें।
- फूलों को सूंघकर भगवान को न चढ़ाएं।
- कीड़े लगे या सड़े फूल न चढ़ाएं।
- जिस देवी-देवता की पूजा हो, उनकी परंपरा के अनुसार फूल चुनें।
- फूलों को श्रद्धापूर्वक चढ़ाएं।
कंटेंट सोर्स- शिव पुराण, पद्म पुराण, स्कंद पुराण